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सोमवार, जून 01, 2026

संभल/उत्तर प्रदेश - प्रेम सम्बन्धो का विरोध कर रहे पति की आँखों मे तेजाब डालने वाली पत्नी को उम्रकैद, प्रेमी के साथ पकड़े जाने पर दिया था घटना को अंजाम

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उत्तर प्रदेश के संभल जिला न्यायालय ने सोमवार को एक ऐतिहासिक और कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने सोते समय अपने ही पति के चेहरे और आँखों पर तेजाब उड़ेलकर उसे हमेशा के लिए अंधा बनाने वाली बेरहम पत्नी कहकशां को उम्रकैद (आजीवन कारावास) की सजा सुनाई है। अपर जिला जज गोपाल ने दोषी पत्नी पर 1.75 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने महज एक साल से कुछ अधिक समय में 10 सुनवाइयों के भीतर इस संवेदनशील मामले में इंसाफ की नजीर पेश की है।


यह दर्दनाक दास्तां सदर कोतवाली क्षेत्र से जुड़ी है। जिला बिजनौर के नगीना क्षेत्र निवासी कहकशां आयु 30 वर्ष  ने साल 2019 में मजदूरी करने वाले मुजफ्फर अली आयु 35 वर्ष से प्रेम विवाह किया था। दोनों के दो छोटे बच्चे भी हैं। शादी के बाद कहकशां का झुकाव पड़ोस के ही एक युवक की तरफ हो गया और दोनों के बीच प्रेम प्रसंग शुरू हो गया। इस सबका पता लगने पर मुजफ्फर ने विरोध भी किया था मगर कहकशां ने उसकी एक न सुनी।


इसी सबके बीच 7 मार्च 2025 की सुबह मुजफ्फर अली ने अपनी पत्नी कहकशां को उसके प्रेमी के साथ घर में आपत्तिजनक हालत में रंगे हाथों पकड़ लिया था। मुजफ्फर के शोर मचाने पर प्रेमी धक्का देकर फरार हो गया था और पति-पत्नी के बीच तीखी बहस हुई थी। जिसे पड़ोसियों ने शांत कराया। अपमान और सच सामने आने के गुस्से में अंधी हो चुकी कहकशां ने इसके बाद जो किया, उसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। बहस शांत होने के बाद मुजफ्फर अपने कमरे में सोने चला गया। इसी बीच कहकशां बाजार गई और वहां से तेजाब खरीद लाई। कहकशां ने सोते समय अचानक मुजफ्फर के चेहरे और आँखों पर तेजाब उड़ेल दिया। जब मुजफ्फर जान बचाने के लिए चीखते हुए भागा, तो कहकशां बाल्टी में तेजाब भरकर उसके पीछे दौड़ी और मग से दोबारा उसके शरीर पर तेजाब फेंका। तेजाब के इस बर्बर हमले में मुजफ्फर का पूरा चेहरा, कंधा और पेट बुरी तरह झुलस गया। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में 6 महीने तक चले इलाज के बाद भी मुजफ्फर की दोनों आँखों की रोशनी हमेशा के लिए चली गई।


विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र कुमार यादव ने कोर्ट में दलीलें पेश करते हुए एक और चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि तेजाब हमले से ठीक एक दिन पहले यानी 6 मार्च 2025 को भी कहकशां ने अपने भाइयों मोहम्मद अहमद, इरफान, मोहसिन और सास महरून्निशा के साथ मिलकर मुजफ्फर को खाने में जहर देकर मारने की कोशिश की थी। हालांकि उस वक्त मुजफ्फर बच गया और उसने कोई एफआईआर दर्ज नहीं कराई थी।


सोमवार को जब अदालत ने सजा का ऐलान किया, तो दोषी कहकशां कोर्ट रूम में ही फूट-फूटकर रोने लगी। सजा काटने के लिए जब महिला कांस्टेबल उसे लेकर बाहर निकली, तो वह कैमरे के सामने अपना चेहरा छिपाती नजर आई। कोर्ट ने उसे सीधे जेल भेज दिया।


इस दौरान कोर्ट परिसर में पीड़ित पति मुजफ्फर अली भी अपनी बुजुर्ग मां के साथ मौजूद था। तेजाब से बुरी तरह झुलस चुके अपने चेहरे को मुजफ्फर ने तौलिए से ढक रखा था। उसकी बेनूर आंखें आज भले ही कुछ देख नहीं पा रही थीं, लेकिन अदालत के इस फैसले से उसके चेहरे पर इंसाफ का सुकून साफ देखा जा सकता था।


कहकशां की वकील पिंकी शर्मा ने इस फैसले पर असंतोष जताया है। उनका कहना है कि हम इस फैसले से संतुष्ट नहीं हैं। पुलिस ने घटना के 17 दिन बाद केस दर्ज किया था, जो एक बड़ी साजिश की तरफ इशारा करता है। कहकशां को लव मैरिज करने की सजा मिल रही है। हमें कोर्ट में अपनी बात रखने का पूरा समय नहीं मिला, हम इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत (हाईकोर्ट) में अपील करेंगे।

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