बदायूँ सदर कोतवाली क्षेत्र से दहेज की माँग पूरी न होने एक विवाहिता को मारपीट कर घर से निकाल दिए जाने का मामला प्रकाश मे आया है। इस मामले मे विवाहिता द्वारा दी गयी तहरीर मे पति व ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यो पर गंभीर आरोप लगाए गए है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है।
पीड़िता सूफ़िया अख्तर निवासी सदर कोतवाली क्षेत्र ने महिला थाने मे दी गई तहरीर में बताया कि उसका निकाह 7 फरवरी 2023 को मोहल्ला अल्फा खां सराय निवासी युसूफ उर्फ मुन्ना इमाम मलिक के साथ हुआ था। आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही उसके पति, सास राहिल उर्फ चन्नो, जेठ अब्दुल खालिक उर्फ बब्लू, जेठानी, ननद तथा अन्य परिजनों ने दहेज़ में कार और पांच लाख रुपये नकद की मांग शुरू कर दी थी। पीड़िता ने आरोप लगाया कि इस अतिरिक्त मांग के पूरा होने पर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया तथा भोजन, कपड़े और इलाज जैसी बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित रखा गया। उसने यह भी आरोप लगाया कि उसके जेवर ससुराल पक्ष ने अपने कब्जे में रख लिए और वापस नहीं किए। पीड़िता ने पुलिस को दी गयी तहरीर मे अपने जेठ पर अनुचित व्यवहार और गलत नजर रखने का भी आरोप लगाया गया है।
तहरीर के अनुसार पीड़िता के पिता के निधन के बाद उसकी मां और भाइयों ने पारिवारिक शांति बनाए रखने के उद्देश्य से पेंशन फंड से करीब पांच लाख रुपये ससुराल पक्ष को दिए थे। इसके बावजूद महिला का उत्पीड़न बंद नहीं हुआ।
विवाहिता का आरोप है कि गत 2 अप्रैल 2026 को ईद के लगभग एक सप्ताह बाद ससुराल पक्ष ने फिर से कार और पांच लाख रुपये नकद की मांग करते हुए उसके साथ मारपीट की। इस दौरान उसके जेवर छीन लिए गए और उसे घर से निकाल दिया गया। बाद में कई बार दोनों पक्षों के बीच पंचायत भी हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। आरोप है कि इसके बाद ससुराल पक्ष के लोग मायके पहुंचकर दूसरी शादी कराने की धमकी देने लगे और वहां भी मारपीट की।
महिला थाना पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर पति समेत छह नामजद आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है तथा जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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