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करीब 2 वर्ष पूर्व हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र में हुई 4 वर्षीय मासूम की निर्मम हत्या के मामले मे कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला दिया है। कोर्ट ने आरोपित महिला को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व 60 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। कोर्ट मे मामले की सुनवाई के दौरान पेश किये गए तमाम सबूतो व गवाहो के बयानो के आधार पर यह फैसला दिया।
एडीजीसी मुकेश चौहान ने बताया कि उक्त घटना 12 जून 2024 की है। इस मामले मे हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के गाँव जलालपुर हसना निवासी कपिल कुमार द्वारा पुलिस को दी गयी तहरीर मे अपनी पत्नी पर पुत्र की हत्या किये जाने का आरोप लगाया गया था। कपिल कुमार ने पुलिस की दी गयी तहरीर मे बताया था कि घटना के दिन वह खेत पर गया हुआ था घर पर उसकी पत्नी आदेश देवी व 4 वर्षीय पुत्र हर्ष ही मौजूद थे। शाम को वापस आने पर उसने देखा कि पत्नी ने मासूम बेटे की फावड़े से काटकर निर्मम हत्या कर दी थी और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को लकड़ियो मे जलाने का प्रयास कर रही थी। कपिल ने अपने भाई और अन्य परिजनो की मदद से बच्चे को आग से बाहर भी निकाला मगर तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
इस वीभत्स हत्याकांड के चर्चा मे आने के बाद क्षेत्र मे सनसनी फ़ैल गयी थी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्चे के शव को कब्जे मे लेकर पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मे बच्चे के शरीर पर गंभीर चोटो के निशान पाए जाने की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने मामले की विस्तृत जाँच करने के बाद आरोपी माँ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने इस मामले मे हत्या और साक्ष्य मिटाने सहित कई गंभीर धाराओ मे आरोप पत्र कोर्ट मे दाखिल किया था।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने न्यायालय के समक्ष गवाहों के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए। सभी तथ्यों और प्रमाणों पर विचार करने के बाद पोक्सो कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश लोकेश नागर ने आरोपी महिला को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही उस पर 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
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