उक्त मामला थाना क्षेत्र के गाँव दियोहना पिपरैया निवासी फूलचंद से जुड़ा बताया जा रहा है। बताया गया कि फूलचंद व उसके पिता के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसी विवाद के बाद उसके पिता ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। फूलचंद का आरोप है कि शिकायत के आधार पर 1 अक्टूबर को दियोरिया कलां थाने में तैनात एक दरोगा उसे हिरासत में लेने पहुंचे।
फूलचंद के मुताबिक, पुलिस उसे सीधे थाने ले जाने के बजाय रास्ते में जंगल की ओर ले गई। युवक का आरोप है कि वहां उसे एक पेड़ पकड़ने के लिए कहा गया और इसके बाद उसके साथ मारपीट की गई। युवक ने वायरल वीडियो में अपनी आपबीती बताते हुए पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवक का कहना है कि जंगल में कथित पिटाई के बाद उसे थाने लाया गया, जहां भी उसके साथ लातों से मारपीट की गई। फूलचंद ने यह भी आरोप लगाया कि चोटों के बावजूद उसका मेडिकल परीक्षण नहीं कराया गया। उसके अनुसार, पुलिस ने जबरन अंगूठा लगवाया और बाद में शांति भंग की आशंका में उसका चालान कर दिया।
मामले का वीडियो आज रविवार सुबह करीब 8 बजे सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। हालांकि, वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। दियोरिया कलां थाना पुलिस ने युवक द्वारा लगाए गए आरोपों को गलत और बेबुनियाद बताया है।
सीओ राहुल पांडेय ने मामले का संज्ञान लेते हुए कहा कि वायरल वीडियो और युवक द्वारा लगाए गए आरोपों की जानकारी मिली है। पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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