जिला पीलीभीत की पूरनपुर थाना पुलिस ने क्षेत्र मे नकली सोने के आभूषणो पर हॉलमार्क लगा गिरवी रख बैंको से लोन लेने के बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। पुलिस ने 6 आरोपियो को गिरफ्तार कर मौके से नकली सोने के आभूषण, 18 कैरेट का फर्जी हॉलमार्क बनाने वाली मशीन और अन्य उपकरण बरामद किये है। गिरफ्तार किये गए सभी आरोपियो का सुसंगत धाराओ मे चालान कर जेल भेज दिया गया है।
कल शुक्रवार की शाम उक्त मामले का खुलासा करते हुए थानाध्यक्ष पवन पांडे ने बताया कि इस फर्जीवाड़े का खुलासा उस समय हुआ जब आरोपी स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया की स्टेशन रोड स्थित शाखा मे नकली आभूषणो गिरवी रख लोन लेने पहुँचे। इस मामले मे बैंक के रोकड़ अधिकारी महेश चंद्र गंगवार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि इकरार और आदेश वर्मा बैंक में खाता खुलवाने के बाद सोने के आभूषणों पर गोल्ड लोन लेने पहुंचे थे। आरोपियों ने आभूषणों पर 18 कैरेट का हॉलमार्क लगा रखा था, जिससे वे देखने में असली सोने के प्रतीत हो रहे थे। हालांकि, बैंक स्तर पर जांच के दौरान आभूषण नकली पाए गए। इसके बाद बैंक अधिकारी ने पुलिस को सूचना देकर शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के आधार पर पूरनपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। शुरुआती कार्रवाई में इकरार और आदेश वर्मा को हिरासत में लेकर आभूषणों की जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आभूषणों में सोने की मात्रा महज 3.03 प्रतिशत थी। इसके बाद पुलिस ने पूछताछ और जांच के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस द्वारा की गयी पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पहले नकली आभूषण तैयार करवाते थे। इसके बाद विशाल के घर में लगी मशीन की मदद से उन पर 18 कैरेट का फर्जी हॉलमार्क लगाया जाता था। हॉलमार्क लगने के बाद नकली आभूषणों को असली सोना बताकर बैंक में जमा कराया जाता और उनके बदले गोल्ड लोन लेने की कोशिश की जाती थी।
इस मामले में पुलिस ने इकरार, आदेश वर्मा, इसरार, सुशील वर्मा उर्फ गुड्डू वर्मा, अखिल कुमार उर्फ मनोज कुमार और विशाल को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नकली हार, पेंडल, कंगन, झुमकी, टीका, फर्जी हॉलमार्क बनाने की मशीन और अन्य उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, बरामद सामान से आरोपियों द्वारा अपनाए जा रहे फर्जीवाड़े के तरीके का खुलासा हुआ है।
फिलहाल पुलिस ने सभी छह आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है।
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