उत्तर प्रदेश की जिला बिजनौर निवासी युवती ने एक युवक पर खुद को पुलिसकर्मी बताकर शादी करने, पहली शादी छिपाने, जबरन गर्भपात कराने और अश्लील वीडियो के जरिये ब्लैकमेल करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता ने अपने पति और उसके बड़े भाई पर प्रताड़ित करने तथा दूसरे लोगों से संबंध बनाने के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया है। मामले में पुलिस अधीक्षक (एसपी) से शिकायत किए जाने के बाद शहर कोतवाली पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बिजनौर नगर कोतवाली क्षेत्र की कृष्ण कुँज निवासी आँचल ने पुलिस को दी गयी तहरीर मे बताया कि जिला बागपत के शाहपुर बड़ौली निवासी प्रदीप ने उससे संपर्क किया और खुद को उत्तर प्रदेश पुलिस का सिपाही बताया। पीड़िता का आरोपी है कि प्रदीप ने अपनी पहली शादी छिपाकर 18 नवम्बर 2024 को उसके साथ शादी कर ली। आंचल के अनुसार शादी के बाद उसे पता चला कि प्रदीप पहले से शादीशुदा है और उसका एक बेटा भी है। पहली शादी की जानकारी छिपाए जाने को लेकर पीड़िता ने पति पर धोखे में रखकर विवाह करने का आरोप लगाया है।
पीड़िता ने शिकायत में आरोप लगाया कि शादी के कुछ महीने बाद गर्भवती होने पर 11 दिसंबर 2025 को प्रदीप ने अपनी मां और बड़े भाई के साथ मिलकर बागपत के एक अस्पताल में उसका जबरन गर्भपात करा दिया। आंचल का कहना है कि उसने इसका विरोध किया, लेकिन उसकी बात नहीं सुनी गई। पीड़िता के मुताबिक विरोध करने पर पति ने ऐसी बातें कहीं, जिनसे उसे लगा कि उस पर दूसरे लोगों से संबंध बनाने के लिए दबाव डाला जा रहा है। शिकायत में इस घटना को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आंचल ने पति पर अश्लील वीडियो के माध्यम से ब्लैकमेल करने और दूसरों के साथ संबंध बनाने के लिए दबाव डालने का भी आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और उसकी परिस्थितियों का फायदा उठाने की कोशिश की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। शिकायत के बाद एसपी के आदेश पर शहर कोतवाली पुलिस ने पति प्रदीप और उसके बड़े भाई के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अब शिकायत में लगाए गए आरोपों, विवाह से जुड़े तथ्यों और अन्य साक्ष्यों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। आरोपियों का पक्ष और पुलिस की विस्तृत जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद प्रकरण की स्थिति और स्पष्ट होगी।
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