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शनिवार, सितंबर 19, 2026

रामपुर/उत्तर प्रदेश - पुलिस ने किया फर्जी बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी कर रहे शातिर गिरोह का पर्दाफाश , 4 आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी

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उत्तर प्रदेश की जिला रामपुर पुलिस ने साइबर ठगी से जुड़े एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साइबर ठगी गिरोह के ये सदस्य भोले-भाले लोगों के दस्तावेज और बायोमेट्रिक का इस्तेमाल कर उनके नाम पर फर्जी बैंक खाते खुलवाते थे। इन खातों में साइबर ठगी से हासिल की गयी रकम मंगाई जाती थी। मामले में एक आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।


उक्त मामले की शुरुआत ग्राम पसियापुरा निवासी मधु की शिकायत से हुई। मधु ने पुलिस अधीक्षक रामपुर से की गयी शिकायत मे बताया था कि किसी ने उसके नाम से बैंक खाता खुलवा रखा है और उसमें साइबर ठगी की रकम जमा हो रही है। मधु ने बताया था कि इस संबंध में महाराष्ट्र के ठाणे जिले के निजामपुरा साइबर थाने से उसे एक नोटिस भी मिला था। महिला की इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने मामले की जांच साइबर थाना रामपुर को सौंप दी थी।


साइबर पुलिस द्वारा की गयी जांच में मनीष कुमार, निवासी पलवल, हरियाणा का नाम प्रकाश मे आया था। पुलिस के अनुसार मनीष फिलहाल रामपुर के चांदरवाला बाग में रह रहा था और किर्रा डाकघर में बीपीएम के पद पर तैनात था। आरोप है कि मनीष आधार कार्ड बनवाने या उससे संबंधित काम के लिए आने वाले लोगों से दोबारा अंगूठा लगवाता था। इसके बाद उनके बायोमेट्रिक का इस्तेमाल कर एनएसडीएल से जुड़े फर्जी खाते खुलवाए जाते थे। जिन लोगों के नाम पर खाते खोले जाते थे, उन्हें इसकी जानकारी तक नहीं होती थी। पुलिस के मुताबिक इस काम में मिलक थाना क्षेत्र के गाँव किरा का निवासी अजय कुमार भी शामिल था। अजय फर्जी बैंक खातों में फर्जी सिम कार्ड लगाता था, जिससे खातों से जुड़े मोबाइल नंबर और लेनदेन पर आरोपियों का नियंत्रण बना रहे।पुलिस द्वारा की गयी जांच में अजय के पड़ोसी अनीश की भूमिका भी सामने आई। पुलिस के अनुसार अनीश रेवाड़ी कला चौराहे पर जनसेवा केंद्र चलाता है और फर्जी खाते खुलवाने में सहयोग करता था।


पुलिस द्वारा की जा रही जांच में सामने आया कि तैयार किए गए फर्जी बैंक खातों को अमन खान और आशुतोष शर्मा को उपलब्ध कराया जाता था। अमन खान मिलक के रेवाड़ी खुर्द का रहने वाला बताया गया है, जबकि आशुतोष शर्मा बरेली के सुभाषनगर का निवासी है। पुलिस के अनुसार खातों में साइबर ठगी की रकम आने के बाद उसे यूएसडीटी क्रिप्टोकरेंसी में बदला जाता था। बाद मे ये रकम को एटीएम के जरिए निकाल ली जाती थी। इस तरह गिरोह फर्जी बैंक खातों के जरिए ठगी की रकम को आगे ट्रांसफर कर रहा था।


एसपी रामपुर अनिल सिंह सिसौदिया ने बताया कि साइबर थाना रामपुर में मुकदमा दर्ज कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन आईफोन, छह एंड्रॉयड मोबाइल, सात एटीएम कार्ड, 29 सिम कार्ड, दो चेकबुक, 11 बैंक किट, एक बैंक की मोहर, एक लैपटॉप, एक बायोमेट्रिक मशीन और 1.13 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस फरार हुए आरोपी अमन खान की तलाश में जुटी है। साथ ही पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने कितने लोगों के नाम पर खाते खुलवाए और इन खातों के जरिए कितनी रकम की साइबर ठगी की गई।

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