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मंगलवार, सितंबर 01, 2026

आंवला/जिला बरेली - दहेज की माँग पूरी न होने पर विवाहिता को मारपीट कर घर से निकाला, किया जहर पिलाने का प्रयास, पति समेत 6 के खिलाफ मुकदमा दर्ज

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जिला बरेली के आंवला थाना क्षेत्र से दहेज उत्पीड़न व विषाक्त पदार्थ पिलाकर विवाहिता की हत्या के प्रयास का गंभीर मामला प्रकाश मे आया है। इस मामले मे पीड़िता द्वारा दी गयी तहरीर मे आपबीती बताने के साथ ही पति व ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यो पर गंभीर आरोप लगाए गए है। पुलिस ने पीड़िता द्वारा दी गयी तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जाँच शुरू कर दी है।

बरेली महानगर के बारादरी थाना क्षेत्र निवासी मोहिनी वर्मा ने आंवला पुलिस को दी गयी तहरीर मे बताया कि उसकी शादी 22 अप्रैल 2015 को रामदास पुत्र जगन्नाथ, निवासी गाँव किटोना, थाना क्षेत्र आंवला के साथ हुई थी। आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही पति व ससुराल पक्ष ने दहेज मे दो लाख रूपये नकद लाने की मांग करते हुए उसके साथ मारपीट करना शुरू कर दिया था। आरोप है कि मायके पक्ष की आर्थिक स्थिति का हवाला देकर इस मांग का विरोध किये जाने पर पति व ससुराल पक्ष द्वारा उसे शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था।

मोहिनी के अनुसार विवाद बढ़ने पर ससुराल पक्ष ने 19 दिसंबर 2024 की रात उसे और उसकी बेटी को घर से निकाल दिया था। पीड़िता का कहना है कि उसे उस समय केवल पहने हुए कपड़ों में ही घर से बाहर जाना पड़ा।इसके बाद अगस्त 2025 में इस मामले की शिकायत पुलिस से शिकायत किये जाने पर दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था। उस समय ससुराल वालों ने बेटी की परीक्षाएं खत्म होने के बाद उसे वापस ले जाने का आश्वासन दिया था। महिला के मुताबिक 16 जुलाई 2026 को न्यायालय में भी दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ था। इसके बाद बेटी की परीक्षाएं पूरी होने पर वह 4 अगस्त 2026 को अपनी बेटी के साथ ससुराल पक्ष के गांव पहुंचीं।

आरोप है कि घर पहुंचते ही ससुर जगन्नाथ ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। मोहिनी के मुताबिक वह किसी तरह घर के भीतर पहुंचीं और कमरे की तरफ जाने लगीं, तभी राधिका ने उन्हें और उनकी बेटी को धक्का देकर बाहर कर दिया और कमरे की कुंडी बंद कर दी। शिकायत के अनुसार शोर मचाने और विरोध करने के बाद जगन्नाथ, रामदास, शंकर लाल, मोती सिंह, रामबेटी और राधिका ने महिला और उसकी बेटी को दूसरे कमरे में बंद कर दिया।

मोहिनी ने आरोप लगाया कि इस दौरान उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और गरिमा को ठेस पहुंचाने की कोशिश की गई। उन्होंने राधिका और रामबेटी पर मुंह में कपड़ा डालने का आरोप लगाया है। वहीं शंकर लाल और मोती सिंह पर कपड़े फाड़ने का प्रयास करने का आरोप लगाया गया है। सबसे गंभीर आरोप है कि राधिका, रामबेटी और जगन्नाथ ने मच्छर मारने वाले जहरीले पदार्थ की बोतल खोलकर महिला को जबरन पिलाने की कोशिश की। शिकायतकर्ता के मुताबिक पदार्थ की कुछ मात्रा उसके शरीर के भीतर चली गई।

पीड़िता द्वारा दी गयी शिकायत में ससुर जगन्नाथ, सास रामबेटी, देवर मोती सिंह, देवर शंकर लाल और पति रामदास पर मारपीट, गाली-गलौज और धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। आंवला थाना पुलिस ने महिला की तहरीर के आधार पर उसके पति रामदास समेत छह ससुरालियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता, घटनाक्रम और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है।
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