समाज में व्याप्त दहेज की कुप्रथा और शादी-ब्याह में होने वाली बेतहाशा फिजूलखर्ची पर अंकुश लगाने हेतु जागरूकता लाने के उद्देश्य से आज मंगलवार को नहटौर नगर के संगम सरोवर मैरिज हॉल में एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के विभिन्न शिक्षण संस्थानो के मेधावी छात्र छात्राओं को भी फाउंडेशन के ओर से पुरुस्कृत किया गया।
हाजी अल्लादिया अंसारी फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित उक्त कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम करौंदा निवासी हाजी अकिल अंसारी ने की, जबकि संचालन रईस उस्मानी द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में देशभर से आए प्रतिष्ठित समाजसेवी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के संयोजक जियाउर रहमान ने सभी मुख्य अतिथियों का बैच लगाकर और आभार प्रकट कर स्वागत किया।ओडिशा से आए उद्योगपति नईम अहमद अंसारी, मुंबई बेकरी एसोसिएशन के अध्यक्ष नासिर अंसारी, शाकिर अंसारी और अब्दुल जब्बार अंसारी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि दहेज की बढ़ती मांग के कारण गरीब परिवारों की बेटियों की उम्र बढ़ती जा रही है, जो एक गंभीर सामाजिक चिंता का विषय है।
सेमिनार का मुख्य उद्देश्य लोगों को जागरूक करना था कि किस प्रकार शादियों में होने वाले अनावश्यक खर्चों को कम कर उस धन का उपयोग शिक्षा और बेटियों के भविष्य के लिए किया जा सकता है। वक्ताओं ने जिम्मेदार लोगों से अपील की कि वे आगे आकर इस प्रथा को खत्म करने में सहयोग दें। इस अवसर पर कक्षा 10 की परीक्षाओ मे विशेष स्थान प्राप्त करने वाले छात्र छात्राओ को भी फाउंडेशन की ओर से पुरुस्कृत किया गया।
इस सेमिनार में जिले भर के विभिन्न स्थानों से आए सामाजिक कार्यकर्ताओं और गणमान्य व्यक्तियों ने हिस्सा लिया और इस मुहिम को गांव-गांव तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
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