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गुरुवार, मई 07, 2026

पीलीभीत/उत्तर प्रदेश - शराब की दुकान खुलवाने पहुँची टीम पर महिलाओ ने बरसाई लाठियां किया पथराव, तहसीलदार का हाथ और दरोगा का पैर टूटा

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पीलीभीत के थाना माधोटांडा क्षेत्र मे गत 21 दिनों से शराब की दुकान खोले जाने के विरोध मे शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही महिलाओं का धैर्य आज गुरुवार को जवाब दे गया। शराब की दुकान खुलवाने पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अमले को देख महिलाये आपा खो बैठी और लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में कलीनगर के तहसीलदार एक हाथ और दरोगा का एक पैर टूट गया। इस दौरान पुलिस द्वारा किये गए  लाठीचार्ज में 6 महिलाएं भी घायल हुई हैं।


पाठको को बताना उचित होगा कि गत 9 अप्रैल को थाना क्षेत्र के गाँव बूंदी भूड़ में शराब की दुकान का आवंटन हुआ था और 15 अप्रैल को इसे खोल दिया गया था। दुकान खुलने के बाद से ही गांव की महिलाएं इसका कड़ा विरोध कर रही थीं। महिलाओं का कहना है कि गांव में शराब की दुकान खुलने से पुरुषों में नशे की लत बढ़ेगी, जिससे घरेलू कलह और मारपीट की घटनाएं बढ़ेंगी। महिलाएं अपनी इस मांग को लेकर एसडीएम से  जिलाधिकारी तक गुहार लगा चुकी थीं।


आज गुरुवार को जिलाधिकारी के निर्देश पर कलीनगर तहसीलदार वीरेंद्र सिंह, आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम दुकान खुलवाने और ग्रामीणों को समझाने पहुंची थी। बातचीत के दौरान विवाद इतना बढ़ा कि महिलाओं ने दुकान में घुसकर तोड़फोड़ शुरू कर दी। महिलाओं ने शराब की बोतलें सड़क पर फेंककर उन्हें लाठियों से चकनाचूर कर दिया। देखते ही देखते पथराव शुरू हो गया और अधिकारियों व पुलिसकर्मियों को अपनी जान बचाकर वहां से भागना पड़ा।


इस मारपीट व पथराव मे तहसीलदार वीरेंद्र सिंह का हाथ और चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक सैफ अली का पैर टूट गया। उग्र महिलाओं ने आबकारी विभाग की 2 सरकारी गाड़ियो और एक निजी बस को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। हंगामे को नियंत्रित करने हेतु पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई और लाठीचार्ज में 6 महिलाएं भी गंभीर रूप से घायल हुई हैं।


घटना के बाद पुलिस ने कड़ी मशक्कत कर अधिकारियों को गांव से बाहर निकाला। सभी घायलों को पहले माधोटांडा सीएचसी और बाद में जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिला आबकारी अधिकारी कल्पनाथ रजक ने बताया कि टीम केवल समझाने गई थी, लेकिन उन पर सुनियोजित तरीके से हमला किया गया। प्रशासन और पुलिस की टीम महिलाओं को समझाने गई थी, लेकिन वहां तोड़फोड़ और हमला कर दिया गया। सरकारी कार्य में बाधा डालने और अधिकारियों पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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