उत्तर प्रदेश की जिला सम्भल पुलिस ने मृत व्यक्तियों के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत बीमा कराने और बाद में फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र के जरिए क्लेम की रकम हड़पने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में भाई-बहन समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। गिरोह के कथित सरगना की तलाश जारी है।
आज शुक्रवार की शाम आयोजित प्रेस वार्ता मे पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने उक्त मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि पुलिस की जांच में फर्जी दस्तावेज तैयार कर मृत व्यक्तियों के नाम पर बीमा पॉलिसी कराने और क्लेम की रकम हड़पने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में मोहित पुत्र वीरपाल, शालू पुत्री वीरपाल और तेजपाल पुत्र सियाराम, निवासी गांव कल्हा, थाना धनारी, जनपद संभल को गिरफ्तार किया है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि ये आरोपी किसी व्यक्ति की मृत्यु होने के बाद उसके नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार करते थे। मृतक के नाम से आधार कार्ड बनवाकर उसमें किसी अन्य व्यक्ति की फोटो लगाई जाती थी। इसके बाद इसी दस्तावेज के आधार पर बैंक खाता खुलवाकर मृत व्यक्ति के नाम से प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत पॉलिसी कराई जाती थी। गिरोह का सदस्य खुद को बीमा पॉलिसी में नॉमिनी बनाता था। कुछ समय बाद मृतक का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कर बीमा कंपनी में क्लेम प्रस्तुत किया जाता और बीमा की रकम अपने खाते में हासिल कर ली जाती थी।
पुलिस जांच में राजकुमारी नाम की मृत महिला से जुड़े एक मामले में भी इसी तरह का फर्जीवाड़ा सामने आया है। पुलिस के अनुसार राजकुमारी के नाम से तैयार आधार कार्ड में शालू की फोटो लगाई गई थी। इसी दस्तावेज का इस्तेमाल कर बैंक खाता खुलवाया गया और बाद में बीमा पॉलिसी कराई गई। बाद में फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर बीमा क्लेम किया गया और करीब 2 लाख रुपये की रकम हड़प ली गई। पुलिस अब इस मामले से जुड़े बैंक खातों, बीमा पॉलिसियों, आधार कार्ड, मृत्यु प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है।
पुलिस द्वारा की गयी पूछताछ मे आरोपियो ने बताया कि वे सत्यप्रकाश के निर्देश पर ये फर्जीवाड़ा करते थे। पुलिस के अनुसार गिरोह का नेटवर्क संभल और बदायूं समेत अन्य जिलों तक फैला होने की आशंका है। पुलिस अब गिरोह के कथित सरगना सत्यप्रकाश की तलाश में जुटी है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपियों ने अब तक कितने मृत व्यक्तियों के नाम पर फर्जी बीमा पॉलिसियां कराकर सरकारी धन या बीमा राशि का दुरुपयोग किया है।
पुलिस गिरोह से जुड़े बैंक खातों, बीमा पॉलिसियों, आधार कार्ड, मृत्यु प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद फर्जीवाड़े से जुड़े अन्य मामलों और गिरोह के दूसरे सदस्यों की भूमिका सामने आने की उम्मीद है।
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