नई दिल्ली। वेदांता प्रस्तुत जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल ने अपने ऐतिहासिक 20वें संस्करण के लिए वक्ताओं की दूसरी सूची जारी कर दी है। यह आयोजन 14 से 18 जनवरी 2027 तक जयपुर के होटल क्लार्क्स आमेर में होगा। इस बार दुनिया भर के प्रतिष्ठित लेखक, इतिहासकार, वैज्ञानिक, पत्रकार, शिक्षाविद्, कलाकार और सार्वजनिक जीवन की प्रभावशाली हस्तियां एक मंच पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगी।
मकरंद साठे
दूसरी सूची में साहित्य, कविता, सभ्यताओं के इतिहास, पहचान, सामाजिक न्याय, अंतरराष्ट्रीय संबंधों, स्वास्थ्य, खानपान और कला जैसे विविध विषयों को शामिल किया गया है। फिलिस्तीनी लेखिका अदनिया शिबली, जैविक मानवविज्ञानी, लेखिका और प्रसारक एलिस रॉबर्ट्स, भारतीय बौद्धिक इतिहास की विदुषी अनन्या वाजपेयी तथा पुलित्जर पुरस्कार विजेता लेखक और जीवनीकार बेंजामिन मोजर प्रमुख नाम हैं। हार्वर्ड की प्रोफेसर और पुलित्जर पुरस्कार विजेता इतिहासकार कैरोलिन एल्किन्स तथा उपन्यासकार क्लेयर मेसूद भी इस सूची का हिस्सा हैं। प्राचीन इतिहास और सभ्यताओं पर चर्चा के लिए पुरातत्वविद् एवं इतिहासकार एरिक क्लाइन, कला इतिहासकार और ब्रिटिश म्यूजियम के पूर्व निदेशक नील मैकग्रेगर तथा हार्वर्ड के इतिहासकार स्वेन बेकेर्ट शामिल होंगे।
नील मैकग्रेगर
संघर्ष समाधान विशेषज्ञ गैब्रिएल रिफकाइंड, आदिवासी पहचान पर लेखन करने वाले हंसदा सौवेंद्र शेखर, मराठी नाटककार एवं उपन्यासकार मकरंद साठे, शास्त्रीय साहित्य की विदुषी मीरा सेओ, कवयित्री एवं उपन्यासकार मोना अर्शी और मलयालम लेखक एवं निबंधकार पॉल जकारिया भी अपने विचार रखेंगे। विज्ञान और स्वास्थ्य के क्षेत्र से नोबेल पुरस्कार विजेता आनुवंशिकीविद् एवं कोशिका जीवविज्ञानी सर पॉल नर्स, हृदय रोग विशेषज्ञ एवं स्वास्थ्य जागरूकता समर्थक डॉ. श्रीराम नेने तथा आत्मविकास लेखिका और कोच रॉक्सी नफूसी शामिल हैं। प्रसिद्ध शेफ और रेस्तरां दिवा की सह-मालिक रितु डालमिया खानपान की दुनिया से जुड़ी दृष्टि प्रस्तुत करेंगी। लेखक सूरज येंगडे जाति, नस्ल और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर चर्चा करेंगे। लेखक एवं आलोचक तबिश खैर और लेखिका तथा भाषाविद् थांगजाम हिंदुस्तानी देवी भी सूची में हैं।
अदनिया शिबली
व्यवसाय, परोपकार और सामाजिक प्रभाव से जुड़ी अक्षता मूर्ति, पत्रकार, प्रसारक एवं लेखिका मिशाल हुसैन और एशियाई कला एवं संग्रहालयों की विशेषज्ञ कला इतिहासकार विशाखा एन. देसाई भी इस संस्करण में शामिल होंगी। टीमवर्क आर्ट्स के प्रबंध निदेशक संजय के. रॉय ने कहा कि फेस्टिवल का उद्देश्य विभिन्न विषयों, संस्कृतियों और देशों के बीच सार्थक संवाद को बढ़ावा देना है। इतिहासकार, लेखक और फेस्टिवल के सह-निदेशक विलियम डेलरिम्पल ने भारत की प्राचीन कहानी-कथन और बौद्धिक विमर्श की परंपरा को वैश्विक मंच से जोड़ने में महोत्सव की भूमिका रेखांकित की।
बेन मोजर
लेखिका, सह-संस्थापक एवं सह-निदेशक नमिता गोखले ने कहा कि 20वें संस्करण में बदलते विचारों और नई तकनीकों के साथ भारतीय भाषाओं के साहित्यिक परिदृश्य पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। दो दशक पूरे कर रहा यह महोत्सव एक बार फिर पुस्तकों, विचारों और सांस्कृतिक विविधता के माध्यम से संवाद, जिज्ञासा और साझा मानवीय अनुभवों को नई दिशा देने के लिए तैयार है।
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