जिला बरेली के भुता थाना क्षेत्र से 3 दिन बाद थाने से वापस आये एक 20 वर्षीय युवक द्वारा फांसी के फंदे पर लटककर आत्महत्या किये जाने का मामला प्रकाश मे आया है। इस मामले मे मृतक के परिजनो द्वारा पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए गए है। परिजनो ने पुलिस पर बार बार थाने बुलाने और प्रताड़ित करने के आरोप लगाये है। मृतक के पिता द्वारा दी गयी तहरीर आधार पर आत्महत्या के लिए उकसाये जाने के आरोप मे मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जाँच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कस्बा भुता निवासी सुरजीत आयु 20 वर्ष एक ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करता था। वह पांच भाइयों में तीसरे नंबर पर था। गत 2 माह पूर्व कस्बे से लापता हुई एक 13 वर्षीय किशोरी लापता हो गयी थी। इस मामले मे किशोरी के पिता ने सुरजीत के खिलाफ बहला फुसलाकर ले जाने का मुकदमा दर्ज कराया था। इसी मामले में पुलिस उससे लगातार पूछताछ कर रही थी। परिजनों के मुताबिक सुरजीत पिछले तीन दिनों से पुलिस हिरासत में था। गुरुवार शाम करीब सात बजे उसे घर भेज दिया गया। घर पहुंचकर उसने खाना खाया और ऊपर बने कमरे में चला गया। रात करीब आठ बजे परिजन कमरे में पहुंचे तो वह फंदे पर लटका मिला। परिवार के लोग उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
मृतक के पिता गंगाराम ने किशोरी के पिता राम अवतार पर बेटे को जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि थाने से घर लौटने के बाद सुरजीत बाजार गया था। रास्ते में राम अवतार ने उसे रोककर अपनी बेटी को बरामद कराने की बात कही और जान से मारने की धमकी दी। सुरजीत की मां सावित्री देवी ने आरोप लगाया कि भुता थाने में तैनात सिपाही रोहित पिछले दो महीने से लगभग हर तीसरे दिन उनके बेटे को पूछताछ के लिए ले जाता था। मां का दावा है कि पुलिस हिरासत के दौरान सुरजीत के साथ मारपीट भी की गई थी और उसके शरीर पर चोटों के निशान थे। परिजनों का आरोप है कि लगातार पूछताछ और धमकियों के कारण सुरजीत मानसिक तनाव में था। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल की जांच के बाद शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस पर लगाए गए आरोपों की जांच के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
सुरजीत के भाई मनोज ने बताया कि करीब दो महीने पहले उसका भाई मजदूरी करने हरियाणा जा रहा था। इसी दौरान पुलिस ने उसे रास्ते में रोककर थाने ले गई थी। मनोज का कहना है कि यदि सुरजीत हरियाणा चला गया होता, तो शायद आज जीवित होता। युवक की मौत के बाद परिवार में शोक का माहौल है।
भुता थाना प्रभारी निरीक्षक रविंद्र कुमार ने बताया कि करीब दो महीने से लापता किशोरी के मामले में उसके पिता की शिकायतों के आधार पर सुरजीत को पूछताछ के लिए बुलाया जाता था। युवक को धमकी देने के आरोप में किशोरी के पिता के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है और पूरे मामले की जांच जारी है।
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