प्राप्त जानकारी के अनुसार नजीबाबाद रोड स्थित एक कॉलोनी निवासी शिक्षक का दस वर्षीय बेटा 11 सितंबर को मोबाइल फोन पर गेम खेल रहा था। इसी दौरान उसने एक अन्य गेमिंग ऐप का लिंक खोल दिया। आरोप है कि इसके बाद मोबाइल पर ओटीपी आया और साइबर ठग ने बालक से यह नंबर हासिल कर लिया। शिक्षक के मुताबिक कुछ ही देर बाद उनके बैंक खाते से यूपीआई के माध्यम से नौ लाख रुपये दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिए गए। घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने साइबर हेल्पलाइन पर सूचना दी। शिक्षक का कहना है कि उन्होंने करीब पांच मिनट के भीतर शिकायत दर्ज करा दी थी, जिसके बाद खाते को फ्रीज कर दिया गया, लेकिन तब तक रकम दूसरे खातों में स्थानांतरित हो चुकी थी।
शिकायत के बाद साइबर टीम ने लेनदेन से जुड़े तथ्यों की जांच शुरू की। शुरुआती जांच में रकम राजस्थान में निकाले जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब संबंधित बैंक खातों और लेनदेन के रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है, ताकि रकम के स्थानांतरण और इसमें शामिल लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
शिक्षक द्वारा की गयी शिकायत मे एक अज्ञात मोबाइल नंबर के माध्यम से शेयर बाजार में निवेश का झांसा देकर नौ लाख रुपये की ठगी किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
सीओ सिटी अभय कुमार पांडेय ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। खातों की जानकारी और अन्य ठोस साक्ष्य जुटाने के बाद पुलिस टीम को जांच के लिए भेजा जाएगा।
यह घटना मोबाइल फोन और ऑनलाइन गेमिंग के दौरान साइबर सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की जरूरत को उजागर करती है। अनजान लिंक खोलने, किसी के साथ ओटीपी साझा करने और बिना जांचे ऑनलाइन ऐप इस्तेमाल करने से आर्थिक नुकसान का खतरा हो सकता है।
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