उत्तर प्रदेश के जिला मेरठ से डिलीवरी के दौरान हुई महिला की मौत पर भड़के परिजनो द्वारा अस्पताल मे तोड़फोड़ किये जाने का मामला सामने आया है। परिजनों ने चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों का दावा है कि ऑपरेशन के दौरान नस कटने से महिला का रक्तस्राव नहीं रुका। उसे बचाने के लिए 11 यूनिट ब्लड और प्लाज्मा की व्यवस्था की गई, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। महिला ने ऑपरेशन के दौरान एक बच्ची को जन्म दिया, जो स्वस्थ बताई गई है।
उक्त पूरा मामला मेरठ - गढ़ रोड स्थित अजंता मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल का बताया जा रहा है। घटना की सूचना मिलने पर मेडिकल, नौचंदी और लिसाड़ी गेट थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। करीब तीन घंटे तक चले हंगामे के बाद पुलिस अधिकारियों के आश्वासन पर परिजन शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाने को राजी हुए। महिला के पति ने दो डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है।
जानकारी के अनुसार मुंडाली थाना क्षेत्र के गाँव मुरलीपुर निवासी बृजनंदन किशोर गांव में मेडिकल स्टोर चलाते हैं। उनकी शादी करीब पांच साल पहले रोहटा क्षेत्र के लखवाया गांव निवासी राधा से हुई थी। दंपती के पहले से एक बेटा और एक बेटी हैं। राधा तीसरी बार गर्भवती थीं। परिजनों के मुताबिक 12 अक्टूबर को सुबह करीब 10:30 बजे राधा को गढ़ रोड स्थित अजंता मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों ने जांच के बाद ऑपरेशन से डिलीवरी कराने की सलाह दी। परिवार की सहमति के बाद उपचार शुरू किया गया।
पति की ओर से दी गई शिकायत के अनुसार आज 13 अक्टूबर की सुबह करीब 10 बजे अस्पताल की तरफ से ब्लड और प्लाज्मा की व्यवस्था करने को कहा गया। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने कई बार महिला की तबीयत के बारे में जानकारी लेने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें स्थिति के संबंध में स्पष्ट जवाब नहीं मिला। परिवार का दावा है कि ऑपरेशन के दौरान नस कटने से लगातार रक्तस्राव होता रहा। महिला की हालत बिगड़ने पर 11 यूनिट ब्लड और प्लाज्मा की व्यवस्था की गई, लेकिन उसकी स्थिति में सुधार नहीं हो सका। इसी दौरान राधा ने एक बच्ची को जन्म दिया, जो परिजनों के अनुसार स्वस्थ है।
पुलिस को दी गयी तहरीर के अनुसार दोपहर करीब 2 बजे अस्पताल पहुंचे परिजनो ने देखा कि मेडिकल स्टाफ राधा को सीपीआर दे रहा था। कुछ देर बाद ही चिकित्सकों ने राधा की मौत की जानकारी दी। यह सुनकर परिजन आक्रोशित हो गए और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। गुस्साए लोगों ने अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ भी की।
हंगामे की सूचना पर मेडिकल थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थिति को देखते हुए नौचंदी और लिसाड़ी गेट थानों से भी पुलिस बल बुलाया गया। परिजन दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए शव ले जाने से इनकार करते रहे। करीब तीन घंटे बाद पुलिस अधिकारियों के आश्वासन पर मामला शांत हुआ और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
महिला के पति ने डॉक्टर गुरुचरण, डॉ. हिमांशु और अस्पताल स्टाफ के खिलाफ शिकायत दी है। सीओ सिविल लाइन दीक्षा भोरिया के अनुसार, महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस को तहरीर प्राप्त हुई है और मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
फिलहाल महिला की मौत के कारणों और उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही हुई या नहीं, इसका पता जांच तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर लगाया जाएगा। परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि होना अभी बाकी है।
न्यूज़ इंडिया 17 के लिए: मामले में पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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