गंगापुर निवासी युवती के पिता ने पुलिस को दी गयी तहरीर मे बताया कि गैनी गाँव निवासी हंसो देवी ने उनके सामने अपने बेटे मोहित की शादी का प्रस्ताव रखा था। मामूली बातचीत व जाँच के बाद उन्होंने अपनी बेटी सीमा का रिश्ता मोहित के साथ तय कर दिया था। रिश्ता तय होने के कुछ समय बाद युवक पक्ष ने बताया कि वे ईसाई धर्म अपना चुके है और इसलिए अब शादी भी ईसाई रीति रिवाजो के साथ ही होगी। उस समय तक युवती के पिता 5 लाख रूपये युवक पक्ष को दे चुके थे। उन्होंने मजबूरी मे ईसाई परम्पराओ के अनुसार अपनी बेटी सीमा की शादी कराई और विदा कर दिया।
युवती के पिता द्वारा दी गयी तहरीर मे शादी के समय 50 लाख रूपये खर्च करने के साथ ही मोहित व उसकी माँ हंसो देवी पर अब 25 लाख रूपये नकद व एक लग्जरी कार की मांग किये जाने का आरोप लगाया गया है। बताया गया कि शादी के समय दहेज मे दी गयी कार को युवती के ससुराल पक्ष वाले डिब्बा बता रहे है। पीड़ित पक्ष द्वारा दी गयी तहरीर मे बताया गया कि उन्हें सीमा के ससुराल पक्ष का सम्बन्ध धर्म परिवर्तन कराने वाले गिरोह से होने का भी पता लगा है।शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि पीड़ित परिवार पर भी ईसाई धर्म अपनाने के लिए दबाव बनाया गया।
इस मामले में एएसपी शिवम आशुतोष सिंह ने बताया कि प्रकरण की प्रारंभिक जांच पहले ही की गई थी। उनके अनुसार यह जानकारी सामने आई थी कि लड़का पक्ष ईसाई धर्म अपना चुका था। इसी वजह से विवाह में हिंदू और ईसाई दोनों धर्मों की परंपराओं के अनुसार रस्में की गई थी। एएसपी के मुताबिक शादी के करीब डेढ़ साल बाद दंपती के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद इस तरह के आरोप लगाए गए। परिवार परामर्श केंद्र में भी दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने के प्रयास किए गए थे। अब मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कराई जाएगी।
फिलहाल मामले में धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने, दहेज की अतिरिक्त मांग करने और कथित गिरोह से संबंध होने जैसे आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। पुलिस जांच के बाद ही इन आरोपों की वास्तविकता और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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