आज शुक्रवार दोपहर आयोजित प्रेस वार्ता मे एसपी केके विश्नोई ने बताया कि गिरफ्तार किये गए आरोपियों की पहचान आरिफ पुत्र ताहिर, निवासी गाँव फुलसन्दा और शकील पुत्र खैराती निवासी मोहल्ला छापेग्रान, नहटौर के रूप में हुई है। एसपी ने बताया कि आरोपी एटीएम मशीन पर लोहे का बॉक्स चिपका देते थे। इस कारण मशीन में तकनीकी खराबी होने जैसा प्रतीत होता था। इसके बाद मोबाइल फोन के जरिए ग्राहकों को गुमराह किया जाता था। ग्राहक के एटीएम से चले जाने पर आरोपी कथित तौर पर मशीन से रुपये निकाल लेते थे।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने ठगी करने का यह तरीका यूट्यूब से सीखा था। प्रारंभिक जांच में बिजनौर के अन्य कस्बों और आसपास के जिलों में भी इस तरह की घटनाओं में उनकी संलिप्तता की जानकारी सामने आई है।पुलिस के मुताबिक 15 अक्टूबर को नजीबाबाद में एटीएम से रुपये निकाले जाने की दो शिकायतें मिली थीं। इनमें वसीम के खाते से 10 हजार रुपये और एक अन्य व्यक्ति के एटीएम से पांच हजार रुपये निकाले जाने की बात सामने आई थी। दोनों मामलों में कुल 15 हजार रुपये निकाले जाने की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने दोनों संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से छह मोबाइल फोन, एक एटीएम कार्ड, 6,400 रुपये नकद और कथित ठगी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए गए हैं। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और बरामदगी तथा अन्य संभावित घटनाओं के संबंध में आगे की कार्रवाई में जुटी है।
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