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सोमवार, मार्च 21, 2022

हिजाब विवाद में फैसला सुनाने वाले कर्नाटक HC के तीन जजों को Y श्रेणी की सुरक्षा क्यों देनी पड़ी?

बेंगलुरु: राज्य सरकार ने कर्नाटक उच्च न्यायालय के उन न्यायाधीशों को वाई श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की है, जिन्होंने बुर्का-हिजाब मामले में फैसला सुनाया था. कर्नाटक के सीएम बसवराज बोम्मई ने 20 मार्च (रविवार) को इसकी घोषणा की है। इसके साथ ही पुलिस जजों को धमकाने के मामले में अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है. गिरफ्तार आरोपियों में कोवई रहमतुल्लाह भी शामिल है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक धमकी देने वालों के खिलाफ विधान सौधा थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है.

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले तमिलनाडु के मदुरै का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस वीडियो में तमिलनाडु तौहीद जमात के सदस्य कोवई रहमतुल्लाह हिजाब पर फैसला सुनाने वाले जजों को खुलेआम धमका रहे थे. वीडियो में वो कह रहे थे कि, 'जजों को अगर कुछ होता है तो इसके लिए वो खुद जिम्मेदार होंगे. झारखंड में मॉर्निंग वॉक के दौरान गलत फैसला देने वाले जज की हत्या कर दी गई.



इस बीच बेंगलुरु पुलिस ने जजों को धमकाने के मामले में कार्रवाई करते हुए कोवई रहमतुल्लाह और जमाल मोहम्मद उस्मानी को गिरफ्तार कर लिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों को तमिलनाडु के अलग-अलग हिस्सों से पकड़ा गया है। इन दोनों आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग इलाकों में एफआईआर दर्ज की गई है. दोनों को शनिवार (19 मार्च) की रात गिरफ्तार किया गया था। आपको बता दें कि जनवरी 2022 में शुरू हुआ हिजाब विवाद स्कूलों के जरिए कर्नाटक हाईकोर्ट तक पहुंचा था. हाई कोर्ट की तीन जजों की बेंच ने अपने फैसले में हिजाब को इस्लाम का जरूरी हिस्सा मानने से इनकार कर दिया था. इस फैसले के विरोध में कई मुस्लिम संगठनों ने 17 मार्च (गुरुवार) को बंद का आह्वान किया था.