जनपद में बढ़ रही आपराधिक घटनाओ के खिलाफ चलाये जा रहे सघन अभियान के तहत बिजनौर पुलिस और स्वाट/सर्विलांस टीम ने तीन शातिर चोरो को गिरफ्तार कर बड़े अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरफ्तार किये गए गिरोह के तीन सदस्यों के कब्जे से चोरी किये गए लाखों रुपये के सोने-चांदी के आभूषण, नकदी, घटना में प्रयुक्त कार और बाइक बरामद की गयी है।
आज सोमवार को पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह कार्रवाई गत 13 मार्च 2026 को नई बस्ती निवासी अमित अग्रवाल के घर हुई बड़ी चोरी के मामले में की गई है। घटना के बाद से ही पुलिस की कई टीमें सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से गिरोह की तलाश में जुटी थीं। कल 12 अप्रैल को मुखबिर की सटीक सूचना पर घेराबंदी कर पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार किये गए अभियुक्तों की पहचान वसीम उर्फ चपटा, निवासी सरावा, जिला मेरठ, विनय उर्फ रिंकू, निवासी बिजौली, जिला मेरठ और अरुण वर्मा के रूप में हुई है। पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे बिजनौर के साथ ही आसपास के कई जनपदों और राज्यों में चोरी की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। गिरफ्तार किये गए अभियुक्तो के कब्जे से 2 लाख 48 हजार की नकदी, भारी मात्रा मे सोने व चाँदी के जेवरात, घटना मे प्रयुक्त कार के साथ ही बिना नंबर की 01 बाइक तथा ताला तोड़ने के कटर व अन्य औजार बरामद किये गए है।
पुलिस पूछताछ में गिरोह के काम करने के अनोखे तरीके का पता चला है। ये शातिर अपराधी दिन में बंद पड़े मकानों की रेकी करते थे और रात के अंधेरे में ताले तोड़कर हाथ साफ कर देते थे। गिरोह की चालाकी का आलम यह था कि पकड़े जाने के डर से वे चांदी के गहनों को तुरंत गलाकर 'सिल्ली' बना देते थे और फिर उसे बाजार में खपाते थे।
गिरफ्तार किये गए अभियुक्तो का आपराधिक रिकॉर्ड काफी लंबा है। इनके खिलाफ विभिन्न जिलों में चोरी और लूट के कई मुकदमे पहले से दर्ज हैं। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस गिरोह के तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। फिलहाल पुलिस गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में जुटी है। इस सफलता पर पुलिस अधीक्षक ने टीम की पीठ थपथपाई है।
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