नजीबाबाद थाना क्षेत्र में हुए बहुचर्चित अरमान हत्याकांड की गुत्थी को सुलझाते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी शमशाद को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस द्वारा की गयी जाँच मे खुलासा हुआ कि दोस्ती और विश्वास के बीच उपजे एक मामूली विवाद के चलते उसके दो साथियो ने ही इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया था। पुलिस एक अन्य आरोपी की तलाश मे जुटी हुई है।
पाठको को बताना उचित होगा कि गत 20 जनवरी की शाम थाना क्षेत्र के जलालाबाद मे एक किशोर की लाठी डंडो से पीटकर हत्या कर दी गयी थी। मृतक की पहचान अरमान आयु 16 वर्ष पुत्र महबूब, निवासी मोहल्ला शेख सराय, जलालाबाद के रूप मे हुई थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे मे लेकर पोस्टमार्टम हेतु भेजने के साथ ही मामले की जाँच शुरू कर दी थी।
पुलिस द्वारा की गयी जाँच मे शमशाद पुत्र अनवर, निवासी मौहल्ला कुरैशियान का नाम प्रकाश मे आया था। पुलिस द्वारा हिरासत मे लेकर की गयी पूछताछ मे शमशाद टूट गया और अपना जुर्म कबूल कर लिया। शमशाद ने बताया कि वह मजदूरी करता है और अपने दोस्त गफ्फार पुत्र अब्दुल जब्बार के साथ मिलकर नशा करता था। घटना वाले दिन 20 जनवरी की शाम ये दोनो दोस्त अरमान को लेकर सहकारी समिति के पास गए थे। जहाँ अरमान ने उसकी टोपी को लेकर मजाक करना शुरू कर दिया। अरमान द्वारा की गयी इस मजाक को वह बर्दाश्त नही कर सका और बदला लेने की ठान ली। इसी के तहत उसने अपने दोस्त गफ्फार के साथ मिलकर अरमान को डंडे से पीटना शुरू कर दिया। हमला इतना भीषण था कि अरमान को सम्भलने का भी मौका नही मिला। आरोपियो ने उसे पीट पीटकर लहूलुहान कर दिया और मृत समझकर मौके से फरार हो गए।
सीओ नजीबाबाद नितेश प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपी के पास से घटना मे प्रयुक्त डंडे व अन्य साक्ष्य बरामद किये गए है। गिरफ्तार किये गए आरोपी का सुसंगत धाराओ के तहत चालान कर जेल भेज दिया गया है। इस मामले में संलिप्त दूसरे आरोपी की तलाश जारी है।
![]() |
| अभी तक पाठक संख्या |

