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मंगलवार, जनवरी 20, 2026

बदायूँ/उत्तर प्रदेश - प्लॉट पर कब्जा दिलाने के बदले 5 हजार की रिश्वत ले रहा लेखपाल रंगे हाथो गिरफ्तार, एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई से मचा हड़कंप

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मौके पर मौजूद एंटी करप्शन टीम व आरोपी लेखपाल सतीश चंद्र शर्मा 

उत्तर प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत एंटी करप्शन टीम बरेली ने बदायूं में तैनात एक राजस्व लेखपाल को प्लॉट पर कब्जा दिलाने के नाम पर 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। एंटी करप्शन टीम ने आरोपी लेखपाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के साथ ही अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी है। इस कार्रवाई के बाद से राजस्व विभाग के कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है।


उक्त मामला फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के गांव जखोरा जौहरपुर से जुड़ा है। गाँव निवासी ओमप्रकाश को वर्ष 2005 में एक आवासीय प्लॉट आवंटित हुआ था। पीड़ित का आरोप है कि इस प्लॉट पर कब्जा दिलाने के बदले हल्का लेखपाल सतीश चंद्र शर्मा, पुत्र कोकाराम शर्मा, निवासी ग्राम नूरपुर पिनौनी लगातार पैसे की मांग कर रहा था। काफी मान मनौव्वल के बाद लेखपाल काम के बदले 5 हजार रुपये लेने को तैयार हुआ था।


लेखपाल के जाल में फंसे ओमप्रकाश ने एंटी करप्शन टीम बरेली से संपर्क किया और लेखपाल के खिलाफ साक्ष्य प्रस्तुत किए। साक्ष्यों की पुष्टि होने पर ट्रैपिंग टीम प्रभारी इंस्पेक्टर इश्तियाक वारसी के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया और लेखपाल को रंगे हाथ पकड़ने के लिए एक योजना बनाई गयी। इस योजना के तहत एंटी करप्शन विभाग की टीम आज मंगलवार को बदायूँ पहुंची और पीड़ित ओमप्रकाश को लेखपाल से मिलने भेज दिया। फैजगंज थाना क्षेत्र स्थित गौशाला के पास लेखपाल सतीश चंद्र शर्मा ने जैसे ही ओमप्रकाश से रिश्वत की राशि पकड़ी एंटी करप्शन टीम ने उसे दबोच लिया। टीम द्वारा लेखपाल के हाथ धुलवाने पर गुलाबी हो गए।


एंटी करप्शन टीम गिरफ्तार किये गए लेखपाल को लेकर थाना सिविल लाइन पहुंची और आरोपी के खिलाफ सुसंगत धाराओ मे मुकदमा दर्ज कराने के बाद बरेली ले गयी। यहाँ आरोपी लेखपाल को न्यायालय के समक्ष पेश किया जायेगा।

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