बिजनौर नगर कोतवाली पुलिस ने फर्जी तरीके से बीमा कराकर मोटी रकम डकार जाने वाले एक शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस गिरोह के मास्टरमाइंड पति व पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किये गए आरोपियो का सुसंगत धाराओ मे चालान कर जेल भेज दिया गया है।
एसपी सिटी ने बताया कि फूलवती, मोनू, निक्की सावन और महिपाल जैसे कई पीड़ितों ने इस मामले की शिकायत शनिवार को पुलिस से की थी। शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि उनके बीमार परिजनों का फर्जी दस्तावेजो के आधार पर बीमा कराया गया और मृत्यु होने पर आरोपियो ने धोखाधड़ी कर बीमा राशि हड़प ली। मामले की गंभीरता देखते हुए पुलिस ने तुरंत ही गहन जांच शुरू कर दी थी। पुलिस द्वारा की गयी जाँच मे सामने आया कि नबाब अली पुत्र फकीरा ने अपनी पत्नी रुख्शी अंजुम व अन्य के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह बनाया हुआ है। इस गिरोह मे एक अज्ञात वकील व शरद त्यागी जैसे लोग भी शामिल है।
जांच में पुलिस के सामने जो तथ्य आए, वे चौंकाने वाले थे। नवाब अली पुत्र फकीरा निवासी गाँव पेली थाना क्षेत्र मंडी ने अपनी पत्नी और साथियों के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह बनाया हुआ था, जिसमें एक अज्ञात वकील और शरद त्यागी जैसे लोग शामिल थे। गिरोह के सदस्य गांवों में आशा कार्यकर्ताओं के जरिए ऐसे गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों की जानकारी जुटाते थे, जिनकी अगले कुछ महीनों में मृत्यु होने की संभावना होती थी। गिरोह के सदस्य इन बीमार व्यक्तियो को पूरी तरह 'स्वस्थ' दिखाकर एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस जैसी कंपनियों में उनका ऑनलाइन बीमा करा देते थे। इस बीमे मे नॉमिनी किये गए व्यक्ति का बैंक खाता भी आरोपी ही खुलवाते थे और फर्जी आईडी पर खरीदा गया सिम इस खाते से लिंक करा देते थे। ऐसा करने पर खाते का नियंत्रण पूरी तरह उनके हाथ मे रहता था।
इतना ही नहीं यदि कभी बीमा कंपनी द्वारा किसी क्लेम को रद्द किये जाने पर यह गिरोह अपने वकील के माध्यम से फर्जी दस्तावेज लगाकर उपभोक्ता फोरम से भी पैसा वसूलने का प्रयास करता था। एसपी ने बताया कि पति -पत्नी द्वारा संचालित किया जा रहा ये गिरोह अभी तक 8 ऐसे मामलो मे लगभग 32 लाख रूपये हड़प चुका है। इस तरह के कुल 14 मामले पुलिस की जाँच मे सामने आये है। चांदपुर के दो, स्योहारा के एक व कोतवाली देहात के एक मामले मे आरोपी पैसा निकाल चुके है।
पुलिस ने नवाब अली और उसकी पत्नी रुखशी अंजुम को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। इस मामले में वांछित शरद त्यागी, आशा तारावती और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि सरकारी योजनाओं या बीमा क्षेत्र में इस तरह की धोखाधड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
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