जिला बिजनौर के मंडावर थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना प्रकाश मे आयी है। यहाँ आज शुक्रवार की सुबह परिजनो के साथ खेत पर गयी एक 6 वर्षीय बच्ची पर गन्ने के खेत से निकले गुलदार ने अचानक ही हमला कर दिया। गुलदार ने बच्ची को मुँह मे दबाकर खेत के अंदर ले जाने का प्रयास किया, मगर परिजनो की सतर्कता के चलते हुए शोर शराबे के चलते गुलदार बच्ची को छोड़कर भाग गया। इस हमले मे घायल हुई बच्ची को उपचार हेतु जिला अस्पताल मे भर्ती कराया गया है। जहाँ चिकित्सक उसे खतरे से बाहर बता रहे है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के गाँव बादशाहपुर निवासी बलराम सिंह आज शुक्रवार की सुबह अपनी पत्नी राजेश देवी के साथ खेत से चारा लाने गए थे। उनके साथ 9 वर्षीय पोता यश और 6 वर्षीय पोती मानवी भी मौजूद थी। दोनो बच्चे पास ही खेत मे खेल रहे थे। इसी दौरान गन्ने के खेत से निकले गुलदार ने अचानक ही मानवी पर हमला कर दिया। गुलदार बच्ची को मुँह मे दबाकर खेत के अंदर ले जाने लगा। ये सब देख वही मौजूद रहे उसके भाई यश ने शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर दादा -दादी भी मौके पर आ पहुंचे और हल्ला करने लगे। शोर शराबा सुन गुलदार बच्ची की वही छोड़कर वापस गन्ने के खेत की ओर भाग गया।
घटना के तुरंत बाद परिजन घायल बच्ची को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे भर्ती कर लिया। चिकित्सकों के मुताबिक बच्ची की हालत अब स्थिर है और वह खतरे से बाहर है। डॉक्टर लगातार उसकी निगरानी कर रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम गांव पहुंची और पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया। वन क्षेत्राधिकारी महेश गौतम ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायल बच्ची का हालचाल जाना तथा परिजनों से घटना की जानकारी ली।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि गन्ने के खेतों के आसपास छोटे बच्चों को अकेला न छोड़ें। खेतों में कार्य करते समय सतर्क रहें और यदि कहीं गुलदार दिखाई दे तो तत्काल वन विभाग को सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें और किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके। घटना के बाद बादशाहपुर और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से इलाके में गश्त बढ़ाने और गुलदार को पकड़ने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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