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सोमवार, अगस्त 24, 2026

बरेली/उत्तर प्रदेश - प्यार की खातिर सनातन धर्म अपनाकर रजिया बनी गौरी देवी, हिन्दू प्रेमी संग किया विवाह

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उत्तर प्रदेश के बरेली से एक मुस्लिम युवती द्वारा विधि विधान पूर्वक सनातन धर्म अपनाने के बाद अपने प्रेमी के साथ विवाह किये जाने का मामला प्रकाश मे आया है। अपने प्रेमी को पाने की खातिर हरदोई से बरेली आयी मुस्लिम युवती रजिया ने सनातन धर्म अपनाने के बाद अपना नाम बदलकर गौरी देवी रखा है। यह विवाह मढ़ीनाथ स्थित अगस्त्य मुनि आश्रम में कराया गया। आश्रम के महंत आचार्य केके शंखधार ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शुद्धिकरण और धार्मिक संस्कार की प्रक्रिया पूरी कराई। इसके बाद अग्नि को साक्षी मानकर दोनों ने सात फेरे लिए और एक-दूसरे को वरमाला पहनाकर पति-पत्नी के रूप में स्वीकार किया।


बताया गया कि रजिया निवासी कस्बा सांडी, जिला हरदोई और तोताराम निवासी गाँव दीपपुर तिराहा, तहसील फरीदपुर  की मुलाकात मिर्जापुर में एक ईंट भट्ठे पर मजदूरी के दौरान हुई थी। दोनों वहां ईंट पाथने और अन्य काम करते थे। काम के दौरान हुई बातचीत से दोनों के बीच जान-पहचान बढ़ी और प्रेम संबंध में बदल गई।


प्रेमी युगल ने शादी कर साथ रहने का फैसला किया, लेकिन जानकारी होने पर रजिया के परिजनो ने इसका पुरजोर विरोध किया। रजिया का आरोप है कि परिजनों ने उसका फोन छीन लिया और उसके साथ मारपीट भी की। साथ ही दूसरी जगह शादी करने के लिए दबाव बनाया जाने लगा।


रजिया के मुताबिक इन सब पाबंदियों के बावजूद वह तोताराम के संपर्क में रही। परिवार के सदस्यों से नानी के घर जाने जाने को कहकर वह घर से निकली और अपने प्रेमी तोताराम के पास पहुंच गई। इसके बाद दोनों बरेली आए और शादी करने का निर्णय लिया। दोनों ने बरेली कचहरी में नोटरी से शपथ पत्र तैयार कराए। उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार रजिया की जन्मतिथि 1 मई 2007 और तोताराम की जन्मतिथि 15 जून 2003 दर्ज है। शपथ पत्र में रजिया ने अपनी इच्छा से सनातन धर्म अपनाने और अपना नाम गौरी देवी रखने की बात कही है। वहीं तोताराम ने बिना किसी दहेज या प्रलोभन के उसे पत्नी के रूप में स्वीकार करने की बात कही।


आचार्य केके शंखधार के अनुसार दोनों की ओर से शपथ पत्र और प्रमाण पत्र वकील के माध्यम से आश्रम में प्रस्तुत किए गए थे। दस्तावेजों की जांच के बाद युवती की इच्छा के अनुसार धार्मिक संस्कार की प्रक्रिया पूरी कराई गई। इसके बाद दोनों का विवाह हिंदू रीति-रिवाज से संपन्न कराया गया।


विवाह के बाद गौरी देवी ने परिवार से अपनी और पति की जान को खतरा बताते हुए पुलिस-प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है। उसका कहना है कि वह पिछले कई वर्षों से हिंदू धर्म और भगवान शिव में आस्था रखती है और उसने अपनी इच्छा से सनातन धर्म अपनाया है। गौरी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत पुलिस-प्रशासन से खुद, अपने पति और ससुराल पक्ष की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।


वहीं तोताराम का कहना है कि दोनों ने बालिग होने के बाद अपनी इच्छा से विवाह किया है। उसके मुताबिक, रजिया के परिवार की ओर से लगातार दबाव बनाया जा रहा है, जिसके चलते दोनों को अपनी सुरक्षा की चिंता है।फिलहाल युवती की ओर से लगाए गए आरोपों पर संबंधित परिवार का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। पुलिस-प्रशासन की ओर से मामले में क्या कार्रवाई की जाती है, यह आगे स्पष्ट होगा।

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