शाहजहांपुर के चर्चित गौतम मौर्य हत्याकांड के आरोपी समीर इदरीसी के मकान को आज गुरुवार को प्रशासन की टीम ने जमींदोज कर दिया। जनपद के कांट थाना क्षेत्र मे की जाने वाली ध्वस्तीकरण की इस कार्रवाई से पूर्व क्षेत्र मे पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रशासन के मुताबिक, मकान का निर्माण बिना स्वीकृत नक्शे के कराया गया था। नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया, लेकिन निर्धारित समय और अतिरिक्त मौका दिए जाने के बावजूद आरोपी पक्ष की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की।
पाठको को बताना उचित होगा कि कांट थाना क्षेत्र के कमलनैनपुर गांव निवासी 20 वर्षीय गौतम मौर्य की गत 31 जुलाई की रात हत्या कर दी गई थी। गौतम साइकिल मरम्मत की दुकान पर काम करता था। पुलिस के अनुसार गौतम और समीर एक ही युवती को पसंद करते थे। युवती ने गौतम से बात करना बंद कर समीर से बात करना शुरू कर दिया था। युवती के इस व्यवहार से नाराज गौतम ने उसे परेशान करना शुरू कर दिया था। पुलिस का दावा है कि युवती से बातचीत और सोशल मीडिया पर उसकी तस्वीर पोस्ट किए जाने को लेकर दोनों पक्षों में पहले से विवाद था।
पुलिस के मुताबिक 31 जुलाई की रात दुकान बंद करने के बाद गौतम बाइक से खेत की ओर जा रहा था। आरोप है कि रास्ते में समीर ने उससे लिफ्ट ली और बाइक पर पीछे बैठ गया। इसी दौरान प्रेमिका को परेशान किये जाने को लेकर दोनो के बीच तीखी बहस हुई थी। गांव दिलावरपुर के पास विवाद बढ़ने पर गौतम पर हमला किया गया। मामले में पुलिस ने समीर को आरोपी बनाया है और जांच के दौरान घटनाक्रम से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की गई।
पुलिस के अनुसार आरोपी समीर ने हिरासत में लिए जाने के बाद गत 1 अगस्त को लिसकर्मी पर हमला कर भागने की कोशिश की थी। पुलिस कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी थी , जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने यह भी दावा किया कि हत्या की घटना के बाद आरोपी की ओर से सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट की गई थी। मामले में पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों और डिजिटल गतिविधियों की भी जांच की।
गौतम की हत्या के बाद प्रशासन की टीम ने आरोपी के मकान की नाप-जोख कराई थी। जांच के दौरान निर्माण संबंधी दस्तावेजों और स्वीकृत नक्शे की जानकारी जुटाई गई। प्रशासन का कहना है कि मकान का निर्माण निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं पाया गया। इसके बाद नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया। निर्धारित अवधि में जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
आरोपी के मकान को गिराने के लिए मौके पर दो बुलडोजर मंगाए गए थे। इनमें से एक मशीन से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई, जबकि दूसरी को रिजर्व में रखा गया। बुलडोजर चलने से पहले करीब 15 से 20 मजदूरों ने मकान के अंदर का हिस्सा तोड़ा। प्रशासन के अनुसार ये मकान करीब 80 गज यानी लगभग 720 वर्ग फीट क्षेत्रफल में बना था। प्रशासन की जांच में निर्माण को बिना स्वीकृत नक्शे के कराया जाना बताया गया था।
एसडीएम प्रशासन रजनीश मिश्रा के मुताबिक, कांट नगर पंचायत की ओर से आरोपी के परिवार को नोटिस जारी किया गया था। नोटिस में निर्माण से संबंधित जवाब मांगा गया था। जवाब देने के लिए पर्याप्त समय दिया गया और बाद में पांच दिन का अतिरिक्त समय भी दिया गया, लेकिन प्रशासन के अनुसार कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद नियमों के तहत ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई है।
ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने, इसके लिए पुलिस ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी। मकान के आसपास बैरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही नियंत्रित की गई। प्रशासन का कहना है कि मकान के खिलाफ कार्रवाई निर्माण संबंधी नियमों के उल्लंघन के आधार पर की गई है। वहीं, पुलिस गौतम मौर्य हत्याकांड की विवेचना में जुटी हुई है।
नोट: मकान के अवैध होने और हत्या से जुड़े आरोप प्रशासन व पुलिस के बयानों तथा उपलब्ध शिकायत/जांच के आधार पर हैं। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया में होगी।
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