जिले मे संचालित सरकारी विद्यालयों की व्यवस्थाओ की जमीनी हकीकत जानने हेतु जिलाधिकारी जसमीत कौर ने आज शुक्रवार को औचक निरिक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान जिला मुख्यालय से मात्र एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित विद्यालय मे पहुंची जिलाधिकारी को तमाम खामियां देखने को मिली। निरीक्षण के दौरान कई व्यवस्थागत कमियां सामने आने पर डीएम ने नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों व शिक्षकों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
विद्यालयों के औचक निरिक्षण को निकली जिलाधिकारी जसमीत कौर जिला मुख्यालय से एक किलोमीटर दूर स्थित मोहम्मदपुर देवमल के तैमूरपुर स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यायल पहुंची। यहाँ उन्हें उपस्थित रहे विद्यार्थियों की संख्या काफी कम मिली। जिलाधिकारी ने उपस्थिति पंजिका का अवलोकन करते हुए शिक्षकों को बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और विद्यालय में बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने मध्याह्न भोजन की व्यवस्था का भी जायजा लिया। विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने बताया कि शुक्रवार को बच्चों के लिए तहरी तैयार की गई थी, लेकिन निरीक्षण के दौरान भोजन का सैंपल सुरक्षित रखा हुआ नहीं मिला। इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए प्रतिदिन तैयार होने वाले भोजन का सैंपल नियमानुसार सुरक्षित रखने के निर्देश दिए।
विद्यालय में मिड-डे मील के लिए पर्याप्त राशन भी उपलब्ध नहीं मिला। प्रधानाध्यापक ने बताया कि ग्राम प्रधान की ओर से प्रतिदिन राशन उपलब्ध कराया जाता है। वहीं बच्चों के भोजन करने के लिए पर्याप्त बर्तनों का भी अभाव मिला। जानकारी के अनुसार कई छात्र-छात्राएं घर से बर्तन लेकर विद्यालय आते हैं। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में बच्चों के हाथ धोने के लिए हैंडवॉश और साबुन की समुचित व्यवस्था भी नहीं मिली। डीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल पर्याप्त बर्तन उपलब्ध कराने के साथ ही हैंडवॉश और साबुन की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को मिड-डे मील की नियमित निगरानी करने और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी जसजीत कौर ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को विद्यालय का नियमित निरीक्षण करने और सामने आई कमियों को दूर कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों की नियमित उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वच्छता और मिड-डे मील की गुणवत्ता में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
डीएम के औचक निरीक्षण से विद्यालयी व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित कर्मचारियों में भी हलचल रही। प्रशासन की ओर से विद्यालय की व्यवस्थाओं में सुधार और योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर जोर दिया गया। निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व देवेंद्र पाल सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, विद्यालय के प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापक सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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