उत्तर प्रदेश की जिला संभल पुलिस ने बच्चों के अपहरण और खरीद-फरोख्त से जुड़े एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक गिरोह मेले में छोटे बच्चों को उठाता था और उन्हें आगे बेचने के लिए खरीदार तलाशता था। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 2 बच्चो जिनकी आयु मात्र 4 वर्ष है को सकुशल बरामद किया है।
उक्त मामले का खुलासा आज शुक्रवार शाम करीब चार बजे एसपी कृष्ण बिश्नोई ने असमोली थाना पुलिस और सर्विलांस टीम के साथ किया। एसपी ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने के लिए करीब 80 किलोमीटर के दायरे में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान एक बाइक और कार को ट्रेस किया गया, जिसके आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंच सकी। बताया गया कि असमोली थाना क्षेत्र के ओबरी गांव निवासी सलमान का 4 वर्षीय बेटा उवैस गत 5 अगस्त को ओबरी मेले से लापता हो गया था। जांच में सामने आया कि बच्चे के रिश्ते के मामा सलमान उर्फ सुल्तान और मामी साजिया ने पैसों के लालच में उसका अपहरण किया है।
पुलिस का दावा है कि अपहरण के बाद इस बच्चे को दिल्ली की कोमल और वंदना जैन को 2 लाख 40 हजार रुपये में बेच दिया गया था। ये दोनों बच्चे के लिए आगे खरीदार की तलाश कर रही थीं। इसी गिरोह ने गत 9 अगस्त को ओबरी मेले से ही हजरतनगर गढ़ी थाना क्षेत्र के बराही गांव निवासी नाजिर हुसैन के चार वर्षीय बेटे सुलेमान को भी अगवा किया था। इसी दौरान मामले की विवेचना मे जुटी पुलिस टीम आरोपी फरीद के असरफपुर स्थित घर तक जा पहुंची। पुलिस के पहुंचने की भनक लगते ही आरोपी घबरा गए और दूसरे बच्चे को ओबरी मेले के बाहर छोड़कर फरार हो गए। इसके बाद पुलिस ने बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया।
एसपी कृष्ण बिश्नोई के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में दिल्ली की रहने वाली कोमल भी शामिल है, जो एक आईवीएफ क्लिनिक में नर्स बताई गई है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में उसके पहले भी बच्चों की खरीद-फरोख्त से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। वहीं वंदना जैन पर हाई-प्रोफाइल सोसाइटी में फर्जी माता-पिता खड़े कर बिना वैध गोद लेने की प्रक्रिया के बच्चों को बेचने का आरोप है। पुलिस अब दिल्ली सहित अन्य स्थानों तक फैले संभावित नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही है।
पुलिस ने मामले में फरीद पुत्र इश्तयाक निवासी असरफपुर, ऐचौड़ा कम्बोह, फैसल पुत्र जरीफ निवासी सादात, कुंदरकी, शमशाद पुत्र दूल्हे जान निवासी पाकबड़ा, कोमल पत्नी संजीव निवासी दिल्ली, वंदना जैन पत्नी सोनी निवासी नंदनगरी, दिल्ली और गुड्डी पत्नी विनोद निवासी करावल नगर, दिल्ली को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। पूछताछ में गिरोह से जुड़े अन्य लोगों, पूर्व में कथित तौर पर बेचे गए बच्चों और पूरे नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
फिलहाल पुलिस दोनों बच्चों की बरामदगी के साथ मामले की जांच को आगे बढ़ा रही है। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों की तस्करी के इस नेटवर्क से जुड़े हर व्यक्ति की भूमिका की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
![]() |
| अभी तक पाठक संख्या |

