बिसौली/जिला बदायूं: 400 केवी हाईटेंशन टावर पर 6 घंटे लटका रहा युवक का शव, शटडाउन के इंतजार ने बिजली विभाग की व्यवस्था पर लगाए प्रश्न चिन्ह - News India 17 # खबर देश की - नजर दुनिया की #

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शुक्रवार, अगस्त 07, 2026

बिसौली/जिला बदायूं: 400 केवी हाईटेंशन टावर पर 6 घंटे लटका रहा युवक का शव, शटडाउन के इंतजार ने बिजली विभाग की व्यवस्था पर लगाए प्रश्न चिन्ह

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जिला बदायूँ के बिसौली थाना क्षेत्र से आयी एक घटना ने बिजली विभाग की आपातकालीन व्यवस्था और रेस्क्यू सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए है। यहाँ कल गुरुवार को फिरोजपुर के जंगल मे 400 केवी हाईटेंशन ट्रांसमिशन टावर पर एक युवक का शव करीब छह घंटे तक फंदे से लटका रहा, लेकिन स्थानीय स्तर पर उसे नीचे उतारने की कोई व्यवस्था नहीं हो सकी। वजह यह रही कि संबंधित हाईटेंशन लाइन का शटडाउन संभल ट्रांसमिशन डिवीजन से स्वीकृत होना था। इस दौरान पुलिस, बिजली विभाग, परिजन और ग्रामीण घंटों मौके पर इंतजार करते रहे।


प्राप्त जानकारी के अनुसार कल गुरुवार दोपहर करीब 3:30 बजे फिरोजपुर के जंगल स्थित 400 केवी ट्रांसमिशन टावर पर एक व्यक्ति का शव फंदे से लटका दिखाई दिया। सूचना मिलते ही पुलिस और बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने पहचान और घटना की जांच शुरू की, जबकि बिजली विभाग ने तकनीकी स्थिति का आकलन किया। हालांकि, हाईटेंशन लाइन चालू होने के कारण सुरक्षा कारणों से कोई भी कर्मचारी टावर पर नहीं चढ़ सका। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना शटडाउन के रेस्क्यू करना जानलेवा साबित हो सकता था।


जांच में सामने आया कि संबंधित 400 केवी ट्रांसमिशन लाइन का संचालन स्थानीय स्तर से नहीं, बल्कि संभल ट्रांसमिशन डिवीजन से किया जाता है। स्थानीय अधिकारियों ने तत्काल शटडाउन और तकनीकी टीम भेजने का अनुरोध किया, लेकिन टीम को मौके तक पहुंचने में पांच घंटे से अधिक का समय लग गया। इस दौरान मृतक के परिजन लगातार अधिकारियों से शव नीचे उतारने की गुहार लगाते रहे, जबकि बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर मौजूद रहे। लोगों का कहना था कि यदि कोई व्यक्ति उस समय जीवित होता और तत्काल बचाव की आवश्यकता होती, तो इतनी देरी उसके लिए जानलेवा साबित हो सकती थी।


देर शाम मौके पर पहुँची सम्भल डिवीजन की टीम ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर हाईटेंशन लाइन का शटडाउन लिया। इसके बाद बिजली विभाग के कर्मचारियों और स्थानीय लोगों की मदद से शव को सुरक्षित नीचे उतारा गया।पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पहचान रानेट गांव निवासी 40 वर्षीय नन्हें यादव के रूप में हुई है। फिलहाल मौत के कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


घटना के बाद ग्रामीणों ने सवाल उठाए कि महज 26 किलोमीटर दूर स्थित संभल से तकनीकी टीम के पहुंचने में पांच घंटे लगना चिंताजनक है। लोगों का कहना है कि ट्रांसमिशन लाइनों से जुड़े हादसों के लिए जिला स्तर पर भी प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम और त्वरित शटडाउन व्यवस्था उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों में तत्काल कार्रवाई की जा सके।


सीओ बिसौली अंशुमन श्रीवास्तव ने बताया कि शटडाउन मिलने के बाद शव को सुरक्षित नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।


ट्रांसमिशन विभाग के अधिशासी अभियंता रोशनलाल ने कहा कि संबंधित 400 केवी लाइन संभल ट्रांसमिशन डिवीजन के अधीन संचालित होती है। सुरक्षा मानकों के अनुसार शटडाउन प्राप्त होने के बाद ही किसी प्रकार की कार्रवाई संभव थी, इसलिए सभी आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए शव को नीचे उतारा गया।

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