फलावदा/जिला मेरठ - अन्धविश्वास ने ली सर्पदंश का शिकार हुए 19 वर्षीय युवक की जान, झाड़ फूँक मे फंसे परिजनो ने नही किया अस्पताल का रूख - News India 17 # खबर देश की - नजर दुनिया की #

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गुरुवार, अगस्त 06, 2026

फलावदा/जिला मेरठ - अन्धविश्वास ने ली सर्पदंश का शिकार हुए 19 वर्षीय युवक की जान, झाड़ फूँक मे फंसे परिजनो ने नही किया अस्पताल का रूख

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एआई जनरेटेड इमेज 
जिला मेरठ के फलावदा थाना क्षेत्र से अंधविश्वास से जुड़ी एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ सांप के काटने के बाद समय पर सही डॉक्टरी इलाज न मिलने और झाड़-फूंक के चक्कर में समय गंवाने के कारण एक 19 वर्षीय होनहार युवक की मौत हो गई। अगर युवक के परिजनों ने समय रहते अंधविश्वास को छोड़ अस्पताल का रुख किया होता युवक को बचाया जा सकता था।

प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के ग्राम रसूलपुर का निवासी सागर आयु 19 वर्ष पुत्र प्रवीण कल बुधवार रात अपने घर की छत पर सो रहा था। इसी दौरान एक विषैले सांप ने उसे डस लिया। इस घटना के बाद नींद खुल जाने पर सागर ने परिजनों को सर्पदंश की जानकारी दी। घटना का पता लगते ही परिजन तत्काल अस्पताल जाने के स्थान पर अंधविश्वास के जाल में उलझ गए। वे सागर को पास के गांव नंगली में एक तांत्रिक/झाड़-फूंक करने वाले के पास ले गए। कई घंटों तक वहां तंत्र-मंत्र और झाड़-फूंक का दौर चलता रहा। इस दौरान सांप का जहर धीरे-धीरे सागर के पूरे शरीर में फैलता गया और उसकी तबीयत बिगड़ती चली गई।

सागर की हालत बेहद नाजुक होने पर परिजनों की चेतना जगी और वे उसे मेरठ मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। मगर तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि जहर शरीर में पूरी तरह फैल जाने के कारण युवक की मृत्यु हो चुकी है। हैरानी की बात यह रही कि डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद भी परिजनों का अंधविश्वास खत्म नहीं हुआ। वे चमत्कार की उम्मीद में शव को लेकर मुजफ्फरनगर जनपद के व्हेलना गांव पहुंच गए और पूरी रात सपेरों से झाड़-फूंक कराई गई।

पूरी रात चले झाड़-फूंक के बाद भी जब कोई नतीजा नही निकला और युवक के शरीर में कोई हरकत नहीं हुई, तब परिजनों को कड़वी सच्चाई स्वीकार करनी पड़ी। इसके बाद गमगीन माहौल में परिजनों ने बैराज गंगा तट पर सागर का अंतिम संस्कार कर दिया।

इस घटना के बाद से रसूलपुर गांव में मातम पसरा हुआ है। यह दर्दनाक हादसा समाज के लिए एक बड़ा सबक है कि सर्पदंश जैसी आपातकालीन स्थिति में झाड़-फूंक के बजाय सिर्फ और सिर्फ एंटी-वेनम इंजेक्शन ही किसी की जान बचा सकता है।
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