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गुरुवार, अगस्त 13, 2026

पीलीभीत/उत्तर प्रदेश - डीआईओएस कार्यालय से जुड़े 55 करोड़ के वेतन घोटाले के आरोपी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की सेवाये समाप्त, 200 करोड़ की संपत्ति रडार पर

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जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पीलीभीत से जुड़े करोड़ों रुपये के कथित वेतन घोटाले में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। इस मामले की प्रारम्भिक जाँच के बाद प्रबंध समिति ने बीसलपुर के जनता टेक्निकल इंटर कॉलेज में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी इल्हाम उर रहमान शम्सी की सेवाएं समाप्त करने का निर्णय लिया है। आज गुरुवार को हुई समिति की बैठक में बर्खास्तगी का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।


विद्यालय प्रबंधन ने कार्रवाई से सम्बंधित प्रस्ताव की प्रति जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को भेज दी है। वही शासन स्तर से भी मामले में विभागीय कार्रवाई को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। बरेली मंडल के उप शिक्षा निदेशक रामाज्ञा कुमार को सेवाएं समाप्त करने की प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश दिए जाने की जानकारी सामने आई है।


पुलिस जांच के मुताबिक इल्हाम लंबे समय तक जनता टेक्निकल इंटर कॉलेज में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर होने के साथ ही डीआईओएस कार्यालय में ड्यूटी करता रहा। आरोप है कि इसी दौरान उसे वेतन सम्बन्धी फाइलों और प्रक्रिया की जानकारी मिली और वेतन टोकन जारी करने की आड़ में वित्तीय लेनदेन में कथित हेरफेर किया गया। मामला उस समय सुर्खियों में आया जब दिसंबर 2025 में इल्हाम की पत्नी अर्शी के बैंक खाते में एक करोड़ रुपये से अधिक की रकम जमा होने की जानकारी मिली। बैंक की ओर से खाता फ्रीज किए जाने के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू की।


जांच के आधार पर तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक राजीव कुमार ने 13 फरवरी को इल्हाम और उसकी पत्नी के खिलाफ कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद से पुलिस मामले की विवेचना कर रही है। बर्खास्तगी की कार्रवाई से पहले विद्यालय प्रबंध समिति ने इल्हाम को आरोप पत्र जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था। इल्हाम ने इस आरोपी पत्र के जवाब में उसने दावा किया कि उसकी जिम्मेदारी केवल फाइलों को सुरक्षित रखने की थी और उसने कंप्यूटर के जरिए कोई वित्तीय ट्रांजेक्शन नहीं किया। हालांकि, पत्नी और अन्य रिश्तेदारों के खातों में कथित रूप से रकम पहुंचने के सवाल पर उसका जवाब प्रबंध समिति को संतोषजनक नहीं लगा। इसके बाद अंतिम अवसर देते हुए नोटिस जारी किया गया, जिसकी समय सीमा 31 जुलाई को समाप्त हो गई। निर्धारित समय सीमा मे जवाब प्राप्त नहीं होने पर विधिक राय लेने के बाद प्रबंध समिति की बैठक बुलाई गई और सेवाएं समाप्त करने का प्रस्ताव पारित कर दिया गया।


बैठक में प्रबंधक अमरेश सक्सेना, अध्यक्ष अरविंद सक्सेना, उप प्रबंधक नीरज सिन्हा सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। प्रधानाचार्य प्रवीण सक्सेना ने बताया कि निर्णय की सूचना डीआईओएस कार्यालय को भेजी जा चुकी है।


दूसरी ओर पुलिस की विवेचना भी अंतिम चरण में पहुंचने की बात कही जा रही है। मंगलवार को एसपी सुकीर्ति माधव ने डीआईओएस कार्यालय के वित्त एवं लेखाधिकारी इंद्रेश कुमार को तलब कर वित्तीय लेनदेन से जुड़े सवालों पर पूछताछ की थी। एसपी के मुताबिक पूछताछ से मिली जानकारी को विवेचना का हिस्सा बनाया जा रहा है। जांच के दौरान पुलिस ने इल्हाम की तीन पत्नियों समेत कई महिला रिश्तेदारों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी है। पुलिस के अनुसार कथित गबन की रकम से पीलीभीत के अलावा बरेली, संभल, चंदौसी, गाजियाबाद सहित कई स्थानों पर जमीन, मकान और प्लाट खरीदे जाने की जानकारी सामने आई है।


पुलिस के मुताबिक करीब 55 करोड़ रुपये के कथित घोटाले से संबंधित लगभग 200 करोड़ रुपये की संदिग्ध संपत्तियां चिह्नित की जा चुकी हैं। न्यायालय के आदेश के बाद इन संपत्तियों की कुर्की और जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। बैंक खातों, रजिस्ट्री और अन्य संपत्ति दस्तावेजों की जांच के जरिए कथित वित्तीय नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि बीसलपुर के जनता टेक्निकल इंटर कॉलेज में चपरासी पद पर नियुक्त इल्हाम उर रहमान शम्सी कथित तौर पर आठ वर्ष से अधिक समय तक डीआईओएस कार्यालय में बाबू के कार्यों से जुड़ा रहा। इसी दौरान उसे वेतन संबंधी फाइलों तक पहुंच मिली।


सूत्रों के अनुसार कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद इल्हाम ने बर्खास्तगी के फैसले को चुनौती देने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट जाने की तैयारी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि उसे अभी बर्खास्तगी का लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुआ है।

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