पाठको को बताना उचित होगा कि थाना क्षेत्र के गाँव पेहरूवाला मे किये जा रहे रामलीला मंचन के दौरान महिलाओ का वेष बनाकर युवको द्वारा किये जा रहे नृत्य को पुलिस ने रूकवा दिया था। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब दो साल पुराने वीडियो को एआई की मदद से एडिट कर वायरल किया गया।
मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे गांव के ग्रामीणो और रामलीला कमेटी के पदाधिकारियो ने मामले की शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की थी। विवाद के चलते मंगलवार रात कमेटी के पदाधिकारियों ने रामलीला मंचन के लिए लगाए गए मंच को उखाड़ दिया था और आयोजन आगे जारी रखने से इनकार कर दिया था।
इस मामले मे कल बुधवार रात गांव पेहरुवाला निवासी खिलेंद्र सिंह की तहरीर के आधार पर थाना कोतवाली देहात मे चार यूट्यूबर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने इस मामले मे दो आरोपियो रतनगढ़ निवासी अमन त्यागी और तंगरौला निवासी शादाब उर्फ शाहिद को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपितों के पास से मोबाइल फोन और 30 हजार रुपये बरामद किए गए हैं। मुस्सेपुर ढल्ला अहीर निवासी संजीव और रामपुर जिले के टांडा निवासी रिजवान फ़िलहाल फरार बताए गए हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।
पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान एएसपी देहात गौतम राय ने बताया कि आरोपितों पर रामलीला कमेटी से वीडियो वायरल न करने के बदले एक लाख रुपये मांगने का आरोप है। पुलिस के अनुसार कमेटी की ओर से 20 हजार रुपये दिए जाने और शेष रकम बाद में देने की बात तय होने की जानकारी भी सामने आई है।
पुलिस का कहना है कि मांग पूरी नहीं होने पर कथित रूप से एडिट किया गया वीडियो पत्रकारों के समूहों, सोशल मीडिया और पुलिस अधिकारियों को भेजकर दबाव बनाने की कोशिश की गई। थाना प्रभारी सुनील सहरावत ने बताया कि मामले में फरार अन्य आरोपितों की तलाश की जा रही है। पुलिस कार्रवाई के बाद बुधवार रात गांव में रामलीला का मंचन फिर से शुरू हो गया।
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