आज बुधवार को भारतीय किसान यूनियन (लोक शक्ति) के बैनर तले एकत्र हुए सैकड़ो किसानो ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बिजनौर मे जमकर प्रदर्शन किया। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ पहुंचे किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग लगाई थी। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पार कर गन्ना समिति पहुंच गए। इस दौरान पुलिस और किसानों के बीच धक्का-मुक्की हुई। किसानों ने गन्ने का बकाया भुगतान, फसल का लाभकारी मूल्य बढ़ाने और जिले में गुलदार की समस्या से निजात दिलाने की मांग उठाई।
किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने कलेक्ट्रेट, समाजवादी पार्टी कार्यालय, नुमाइश ग्राउंड चौराहे और रोडवेज बस स्टैंड सहित कई स्थानों पर बैरिकेडिंग लगाई थी। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया था। पुलिस ने किसानों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पार कर अपने निर्धारित स्थल तक पहुंचने में सफल रहे।
इस प्रदर्शन के दौरान मौजूद रहे भाकियू लोक शक्ति के अध्यक्ष श्योराज ने आरोप लगाया कि किसानों की पंचायत को रोकने के लिए प्रशासन ने रास्तों में पांच से सात स्थानों पर बैरिकेडिंग की थी। उन्होंने कहा कि किसानों की आवाज दबाने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन संगठन अपनी मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखेगा। इस प्रदर्शन में गन्ना भुगतान का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। किसान नेता श्योराज के मुताबिक, जिले की कई चीनी मिलों पर पिछले साल का भुगतान भी बकाया है। समय पर पैसा नहीं मिलने से किसानों को आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने गन्ने का मूल्य नहीं बढ़ाए जाने पर भी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना है कि चीनी के दाम बढ़ने के बावजूद गन्ना उत्पादकों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि चीनी मिलों से बकाया भुगतान जल्द दिलाया जाए और गन्ने का लाभकारी मूल्य बढ़ाकर किसानों को राहत दी जाए।
बिजनौर जिले में गुलदार की समस्या भी किसानों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। किसानों ने ग्रामीण इलाकों और खेतों के आसपास गुलदार की मौजूदगी से उत्पन्न भय का हवाला देते हुए इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने की मांग की। किसान नेता श्योराज ने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में लोग अपनी समस्याओं को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। किसानों को भी अपनी मांगें उठाने का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आंदोलनों को दबाने का प्रयास कर रही है, लेकिन किसान अपने अधिकारों के लिए पीछे नहीं हटेंगे।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने बकाया गन्ना भुगतान, गन्ने का उचित मूल्य और गुलदार की समस्या के समाधान को लेकर अपनी मांगें दोहराईं। बैरिकेडिंग पार कर गन्ना समिति तक पहुंचने और पुलिस के साथ हुई धक्का-मुक्की के कारण जिले में किसानों का यह प्रदर्शन चर्चा का विषय बना रहा।
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