पूर्व विधायक कुशाग्र सागर ने फेसबुक पर साझा की गई अपनी पोस्ट में भाजपा के साथ 11 साल के जुड़ाव का जिक्र किया है। उन्होंने लिखा कि किसी संगठन के साथ इतने लंबे समय तक जुड़े रहना केवल राजनीतिक संबंध नहीं, बल्कि भावनात्मक रिश्ता होता है। उन्होंने संगठन को परिवार मानकर काम करने और व्यक्तिगत कठिनाइयों के बावजूद अपना शत-प्रतिशत योगदान देने की बात कही। पूर्व विधायक ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें पद या प्रतिष्ठा खोने का नही बल्कि सम्मान और विश्वास टूटने का दर्द है। उन्होंने लिखा कि 11 साल की मेहनत के बाद भी अपनापन महसूस नही होने पर उनके मन को ठेस पहुंची है। उन्होंने अपने संदेश को आत्मसम्मान की नई शुरुआत बताते हुए पार्टी से अलग होने का संकेत दिया।
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि कुशाग्र सागर लंबे समय से बिसौली के मौजूदा विधायक आशुतोष मौर्य उर्फ राजू को भाजपा में मिल रही अहमियत से असंतुष्ट थे। आशुतोष मौर्य समाजवादी पार्टी के विधायक हैं। राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग के बाद उनके भाजपा के करीब आने की अटकलें लगाई जाती रही हैं। अप्रैल 2024 में आशुतोष मौर्य की पत्नी सुषमा मौर्य, जो बिल्सी नगर पालिका की पूर्व चेयरमैन रही हैं, और उनकी बहन ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी। इसके बाद क्षेत्र में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा तेज हो गई थी। माना जा रहा है कि इन घटनाक्रमों ने कुशाग्र सागर के खेमे में असंतोष बढ़ाने में भूमिका निभाई हो सकती है।
कुशाग्र सागर बदायूं जिले के एक प्रमुख राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके पिता योगेंद्र कुमार सागर भी विधायक रह चुके हैं। कुशाग्र ने वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर बिसौली सीट से जीत दर्ज की थी। उन्हें 1,00,287 वोट मिले थे और उन्होंने 10,688 मतों के अंतर से चुनाव जीता था। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में मुकाबला बेहद करीबी रहा। इस बार कुशाग्र सागर को 1,08,735 वोट मिले, जबकि आशुतोष मौर्य को 1,10,569 वोट हासिल हुए। इस तरह कुशाग्र सागर महज 1,834 मतों के अंतर से चुनाव हार गए थे।
कुशाग्र सागर के भाजपा छोड़ने से बिसौली विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। यदि वह समाजवादी पार्टी में शामिल होते हैं, तो आगामी विधानसभा चुनाव से पहले क्षेत्र में नए राजनीतिक समीकरण बन सकते हैं। एक ओर आशुतोष मौर्य के भाजपा के करीब जाने की चर्चाएं हैं, वहीं दूसरी ओर कुशाग्र सागर के सपा में जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं। फिलहाल कुशाग्र सागर के अगले राजनीतिक कदम को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। उनके इस्तीफे और सोशल मीडिया पोस्ट के बाद अब सभी की निगाहें उनके आगामी फैसले पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि बिसौली की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है
![]() |
| अभी तक पाठक संख्या |

