एसपी केके विश्नोई ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि नजीबाबाद तहसील के गाँव अमीखानपुर में पूर्व मुख्यमंत्री महेंद्रनाथ के नाम करीब 90 बीघा कृषि भूमि है। उनके पुत्र कमलनाथ ने 18 मई 2026 को जमीन पर उत्तराधिकार दर्ज कराने के लिए तहसीलदार के यहां आवेदन किया था। इस दौरान राजस्व अभिलेखों की जांच में संबंधित भूमि को विवादित बताया गया। इसके बाद जमीन से जुड़े पुराने न्यायालयी मामले और उसमें दाखिल दस्तावेजों की जानकारी सामने आई।
कमलनाथ की शिकायत के मुताबिक जमीन पर दावा करने के लिए महेंद्रनाथ के नाम की एक वसीयत पेश की गई थी। पुलिस के अनुसार यहवसीयत पंजीकृत नहीं थी और इसे 1998 का बताया गया है। इसके अलावा महेंद्रनाथ के नाम 10 अप्रैल 2003 को नजीबाबाद से जारी मृत्यु प्रमाणपत्र भी सामने आया। कमलनाथ की शिकायत में कहा गया है कि उनके पिता की वास्तविक मृत्यु 7 सितंबर 2004 को दिल्ली के एस्कॉर्ट अस्पताल में हुई थी। पुलिस अब इन दस्तावेजों की वास्तविकता और उन्हें तैयार करने में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
मामले में सामने आया कि नजीबाबाद क्षेत्र में जमीन से संबंधित एक न्यायालयी विवाद चल रहा था, जिसमें धर्मपाल सिंह की ओर से महेंद्रनाथ के नाम की कथित वसीयत दाखिल की गई थी। कमलनाथ की शिकायत के बाद पुलिस ने दस्तावेजों और राजस्व रिकॉर्ड की जांच शुरू की। पुलिस के मुताबिक, जांच में यह भी सामने आया कि विजय शंकर पांडेय ने कथित तौर पर वसीयत टाइप की थी। हालांकि दस्तावेजों की पूरी वैधानिक स्थिति और आरोपितों की भूमिका का अंतिम निर्धारण जांच के बाद होगा।
कमलनाथ की शिकायत पर नजीबाबाद पुलिस ने धर्मपाल सिंह, जसबिंदर सिंह ढिल्लो, विजय शंकर पांडेय और हल्का लेखपाल डेविड कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने धर्मपाल सिंह और विजय शंकर पांडेय को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि जसबिंदर सिंह ढिल्लो और डेविड कुमार की तलाश की जा रही है।
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