उत्तर प्रदेश के जिला पीलीभीत से अनुसूचित जाति का अपहरण कर जबरन मतांतरण कराने व भागकर आने पर आरोपियो द्वारा उठा ले जाने का मामला प्रकाश मे आया है। इस मामले मे युवती के पिता द्वारा दी गयी तहरीर के आधार पर दो नामजद व एक अज्ञात अपराधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है।
पीड़िता के पिता द्वारा दी गयी तहरीर मे बताया गया कि उसकी पुत्री ग्रेटर नोयडा मे नौकरी करती थी। इसी दौरान उसकी जान पहचान वही जरी का काम कर रहे मिस्रयार नामक व्यक्ति से हुई। मिस्रयार भी जिला पीलीभीत के एक गाँव का निवासी था। एक ही क्षेत्र के होने के कारण ये जान पहचान और अधिक गहरी हो गयी। आरोप है कि दौरान आरोपित ने युवती को अपने प्रभाव में लेकर उसका मतांतरण करा दिया। आरोप है कि युवती को एक कमरे में बंधक बनाकर रखा गया और उसकी गतिविधियों पर पाबंदियां लगा दी गईं।
परिजनों के मुताबिक, युवती किसी तरह आरोपित के चंगुल से निकलकर 20 सितंबर को अपने घर पहुंची थी। उसने परिवार को बताया कि उसके साथ मारपीट और शारीरिक शोषण किया गया। युवती ने आरोप लगाया कि उसे मुस्लिम धर्म अपनाने के बाद बुर्का पहनने के लिए मजबूर किया गया तथा किसी से मिलने-जुलने और बातचीत करने पर रोक लगा दी गयी थी।
पिता की शिकायत के अनुसार, 30 सितंबर को वह फेरी लगाने के लिए घर से बाहर गए थे, जबकि उनकी पत्नी बाजार गई हुई थीं। इसी दौरान मिसरयार खां अपने भाई और एक अन्य व्यक्ति के साथ कथित तौर पर घर पहुंचा।आरोप है कि आरोपितों ने दरवाजे से युवती को बाहर खींचा और उसे अपने साथ लेकर चले गए। गांव के कुछ लोगों ने युवती को ले जाते हुए आरोपितों को देखने की बात कही है। घटना के बाद से मिसरयार खां के गांव स्थित घर पर भी ताला बताया जा रहा है।
युवती ने परिवार के सामने यह आशंका भी जताई थी कि आरोपित दोबारा उसे अपने साथ ले जाने का प्रयास कर सकते हैं। परिवार का दावा है कि युवती ने आरोपित पर अन्य हिंदू युवतियों को भी कथित तौर पर अपने जाल में फंसाने और मतांतरण कराने के आरोप लगाए थे।
युवती के पिता की तहरीर पर पुलिस ने मिसरयार खां, शहरयार खां और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ अपहरण, मारपीट तथा उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक जयशंकर सिंह के अनुसार, आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और उनकी तलाश की जा रही है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है तथा युवती की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं।
नोट: युवती और उसके परिजनों द्वारा लगाए गए मतांतरण, बंधक बनाए जाने और शोषण संबंधी आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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