जिला मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक दलित युवती के अपहरण का विरोध करने पर दबंगो ने उसकी मां की धारदार हथियार से हमला कर निर्मम हत्या कर दी। इस घटना के बाद से पूरे गांव में तनाव का माहौल है, जिसे देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आज गुरुवार की सुबह करीब आठ बजे थाना क्षेत्र के गाँव कपसाड़ की निवासी महिला अपनी बेटी के साथ खेत पर जा रही थी। इसी दौरान गांव के रजबहे के पास पारस सोम ने अपने कुछ साथियों के साथ मां-बेटी को रोक लिया। इन युवकों ने युवती के साथ अभद्रता शुरू कर दी, जिसका महिला ने जोरदार विरोध किया। विरोध करने पर आरोपियों ने महिला के साथ गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान एक आरोपी ने बलकटी जैसे धारदार हथियार से महिला के सिर पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। मां को लहूलुहान कर आरोपी उसकी बेटी को जबरन अपने साथ ले गए।
घटना की जानकारी मिलते ही महिला के परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। गंभीर रूप से घायल महिला को तुरंत मोदीपुरम के एसडीएस ग्लोबल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने जाँच के बाद महिला के सिर में गंभीर चोट लगने की पुष्टि की। गंभीर रूप से घायल महिला ने शाम करीब साढ़े चार बजे उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। महिला की मौत की खबर मिलते ही गांव में तनाव फैल गया। इस घटना को लेकर अनुसूचित जाति के लोगों में गहरा आक्रोश देखा गया, जिससे स्थिति बिगड़ने की आशंका बढ़ गई। पुलिस प्रशासन ने तुरंत हरकत में आते हुए गांव में अतिरिक्त फोर्स तैनात कर दी और गश्त कर शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. विपिन ताडा ने घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के नेतृत्व में पांच पुलिस टीमें गठित की हैं। इन टीमों को युवती की सकुशल बरामदगी और मुख्य आरोपी पारस सोम समेत अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिश देने के निर्देश दिए गए हैं। एसएसपी ने कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जायेगा। दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
महिला की मौत की खबर फैलते ही भीम आर्मी के कार्यकर्ता मोदीपुरम अस्पताल पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने अस्पताल परिसर में हंगामा और तोड़फोड़ की। उन्होंने एंबुलेंस में शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने का भी विरोध किया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। इस घटना के बाद राजनीतिक सरगर्मी भी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी और आजाद समाज पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा यह घटना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जा सकती। हम पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं और न्याय की मांग करते हैं। आजाद समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष एडवोकेट चरण सिंह ने भी गांव का दौरा किया। उन्होंने कहा यह घटना न्यायिक दृष्टिकोण से न केवल गंभीर है, बल्कि यह सामूहिक संघर्ष का भी प्रतीक है। हम पीड़ित परिवार के साथ हैं और मामले में जल्द कार्रवाई की उम्मीद करते हैं।
फिलहाल पुलिस प्रशासन स्थिति को नियंत्रण में रखने और आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। गांव में अभी भी तनाव बरकरार है, लेकिन पुलिस की मौजूदगी से स्थिति नियंत्रण में है।
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