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शनिवार, मई 09, 2026

मुरादाबाद/उत्तर प्रदेश - 44 साल पुराने मदरसे पर चला एमडीए का बुलडोजर; 25 साल चली कानूनी जंग के बाद कब्जा मुक्त हुई अरबों की जमीन

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आज शनिवार को एक बार फिर अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ मुरादाबाद प्रशासन का सख्त रुख देखने को मिला। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (एमडीए) ने दिल्ली रोड पर स्थित करीब 44 साल पुराने 'मदरसा जामिया अरबिया हयातुल उलूम' को बुलडोजर की मदद से जमींदोज कर दिया। 25 साल तक चली लंबी कानूनी लड़ाई और हाईकोर्ट द्वारा मदरसा पक्ष की याचिका खारिज किए जाने के बाद यह बड़ी कार्रवाई की गई है।


आज शनिवार दोपहर एमडीए के प्रवर्तन दल एवं पुलिस बल के दिल्ली रोड स्थित मंगूपुरा पहुंचने पर पूरा क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। एमडीए द्वारा की गयी इस कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार के विरोध की संभावना को देखते हुए मझोला पुलिस पूरी तरह मौके पर मुस्तैद रही। एमडीए के उपाध्यक्ष अनुभव सिंह और सचिव पंकज वर्मा ने स्वयं मौके पर उपस्थित रहकर अपनी निगरानी मे इस प्रक्रिया को पूरा कराया। इस दौरान भारी सुरक्षा व्यवस्था के चलते वर्षों पुराने निर्माण को ढहाने के दौरान मदरसा पक्ष की ओर से कोई विरोध सामने नहीं आया।


पाठको को बताना उचित होगा कि मदरसे को लेकर चल रहा यह विवाद पिछले ढाई दशक से न्यायालय में लंबित था। 175.44 हेक्टेयर अधिग्रहित जमीन पर बने इस मदरसे को बचाने के लिए कमेटी ने अब तक चार याचिकाएं दायर की थीं। बीती 29 अप्रैल को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मदरसा पक्ष की चौथी याचिका भी खारिज कर दी। कोर्ट ने याचिका खारिज करने के दौरान दी गयी टिप्पणी मे कहा था कि एक ही मामले को बार-बार चुनौती देना वैधानिक रूप से गलत है।


मदरसा कमेटी का दावा था कि यह संस्थान सन 1979-80 से चल रहा है और उन्हें मुआवजा नहीं मिला। इसके उलट एमडीए ने पुख्ता दस्तावेज पेश किए थे कि जमीन का कब्जा 7 नवंबर 2000 को ही लिया जा चुका था और मुआवजे की राशि सरकारी खजाने में जमा कराई जा चुकी है। एमडीए के उपाध्यक्ष अनुभव सिंह ने बताया कि हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद जमीन को पूरी तरह कब्जा मुक्त करा लिया गया है। इस प्राइम लोकेशन पर प्राधिकरण जल्द ही एक अत्याधुनिक आवासीय योजना विकसित करेगा। हमारा संदेश साफ है कि लोग निर्माण से पहले एमडीए से अनुमति जरूर लें, ताकि ऐसी कार्रवाई की नौबत न आए।


ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के बाद प्रशासन ने अरबों रुपये की इस बेशकीमती जमीन को अपने कब्जे में ले लिया है। एमडीए अब इस क्षेत्र को स्मार्ट सिटी के मानकों के अनुरूप विकसित करने की तैयारी में है, जिससे दिल्ली रोड की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी।

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