उत्तर प्रदेश के जिला मुरादाबाद से भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए होमगार्ड विभाग के प्लाटून कमांडर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया है। आरोपी अधिकारी विभाग के ही एक होमगार्ड से उसकी ड्यूटी लगाने के बदले में इस रकम की मांग कर रहा था। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद से ही पूरे होमगार्ड महकमे में हड़कंप मच गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त मामले में होमगार्ड जवान दिवाकर ने एंटी करप्शन ब्यूरो से एक लिखित शिकायत की थी। इस शिकायत मे बताया गया था कि प्लाटून कमांडर भोगराज सिंह उसकी ड्यूटी लगाने के एवज मे उस से 4 हजार रूपये रिश्वत की मांग कर रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो ने पहले गुप्त रूप से इस मामले का सत्यापन कराया और आरोप सही पाए जाने पर आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने के लिए योजना बनाई।
योजना के अनुसार एंटी करप्शन ब्यूरो ने शिकायतकर्ता दिवाकर को विशेष केमिकल (फिनॉफ्थलीन पाउडर) लगे हुए 4 हजार रूपये के नोट दिए। प्लाटून कमांडर भोगराज सिंह ने रिश्वत की रकम लेने के लिए दिवाकर को मझोला थाना क्षेत्र अंतर्गत मंडी समिति गेट के पास बुलाया था।यहाँ पहुंचे दिवाकर ने जैसे ही भोगराज को पैसे दिए मौके पर मुस्तैद एंटी करप्शन टीम ने उसे दबोच लिया। हाथ धुलवाते ही केमिकल के कारण आरोपी के हाथ गुलाबी हो गए जो उसके खिलाफ सबसे बड़ा वैज्ञानिक सबूत है।
गिरफ्तारी के तुरंत बाद एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम आरोपी प्लाटून कमांडर को लेकर मझोला थाने पहुंची। वहां आवश्यक पूछताछ और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। मामले की आगे की कमान अब पूरी तरह से एंटी करप्शन ब्यूरो के हाथों में है, जो इसकी विस्तृत विवेचना करेगी।
एसीबी के उच्च अधिकारियों ने इस कार्रवाई के बाद साफ संदेश दिया है कि सरकारी विभागों में पनप रहे भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ विभाग की 'जीरो टॉलरेंस' नीति जारी रहेगी। जनता या किसी भी कर्मचारी का शोषण करने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
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