बिजनौर नगर के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान हुई सात वर्षीय बच्ची प्रिशा मिश्रा की मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। परिजनों की ओर से लगाए गए चिकित्सकीय लापरवाही के आरोपों को लेकर ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन उत्तर प्रदेश, इकाई जनपद बिजनौर ने आज बुधवार की प्रशासन से मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराकर दोष सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिजनौर को ज्ञापन सौंपकर प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग उठाई है।
एसोसिएशन की ओर से प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियो को दिए गए ज्ञापन मे बताया गया कि हल्दौर निवासी पत्रकार एवं ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के सदस्य संजीव मिश्रा ने गत 5 अगस्त 2026 को अपनी सात वर्षीय पुत्री प्रिशा मिश्रा को बुखार आने पर बिजनौर नगर स्थित गोपाल हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। बताया गया कि अस्पताल मे भर्ती होने के बाद रात में बच्ची की हालत सामान्य रही, लेकिन अगले दिन सुबह अचानक ही तबियत बिगड़ गई।ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि बच्ची की हालत खराब होती देख परिजनों ने चिकित्सक पंकज चौधरी से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनके स्टाफ की ओर से चिकित्सक से मिलने मे असमर्थता जताई गई। इसके बाद बच्ची के माता-पिता किसी प्रकार चिकित्सक के केबिन तक पहुंचे और उसकी बिगड़ती हालत के बारे में जानकारी दी।
आरोप है कि बच्ची की स्थिति गंभीर होने के बाद भी चिकित्सक ने उसे देखने और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने में अपेक्षित तत्परता नहीं दिखाई गई। इसी सबके चलते देर शाम बच्ची की मौत हो गई। संगठन ने इसे उपचार में कथित लापरवाही से जोड़ते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन ने प्रशासन से चिकित्सक और अस्पताल स्टाफ की भूमिका की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है। साथ ही सीएमओ बिजनौर की ओर से गठित तीन सदस्यीय जांच कमेटी की रिपोर्ट से पीड़ित परिवार और एसोसिएशन को अवगत कराने की मांग भी ज्ञापन में की गई है।एसोसिएशन ने कहा कि बच्ची की मौत के वास्तविक कारण और उपचार के दौरान किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं, इसका निर्धारण निष्पक्ष जांच के बाद ही होना चाहिए।
वरिष्ठ अधिकारियो को दिए गए ज्ञापन मे प्रिशा मिश्रा की मौत के साथ ही जिले की निजी स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दे भी उठाए गए। संगठन ने निजी अस्पतालों में प्रशिक्षित कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित कराने, चिकित्सकों द्वारा लिखी जाने वाली आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा चिकित्सकों के परामर्श शुल्क को न्यूनतम और समान आधार पर निर्धारित करने की मांग की।
ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन उत्तर प्रदेश, जनपद बिजनौर के जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में मंडल अध्यक्ष डॉ. भानु प्रकाश वर्मा, प्रदेश प्रभारी डॉ. नरेश पाल सिंह, अवनीश शर्मा, नरेश विनय कौशिक, कामेंद्र सिंह, कौशल शर्मा, प्रदीप कुमार दुबे, विनय मोहन शर्मा, विनीत चौधरी और अमर सिंह सहित एसोसिएशन के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।
संगठन ने प्रशासन से मांग की कि मामले की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ कराई जाए। जांच में यदि चिकित्सकीय या प्रशासनिक स्तर पर किसी प्रकार की लापरवाही अथवा दोष सामने आता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। एसोसिएशन ने कहा कि मासूम बच्ची की मौत से जुड़े इस मामले में सच्चाई सामने लाना और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना बेहद जरूरी है।
![]() |
| अभी तक पाठक संख्या |


