इंटरनेट डेस्क। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत अपने अमेरिका दौरे को लेकर चर्चा में आए हैं। उनका इस महीने के अंत में अमेरिका जाने का कर्यक्रम है। इससे पहले अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता के लिए अमेरिकी आयोग' ( यूएससीआईआरएफ) ने मोहन भागवत के दौरे का सार्वजनिक रूप से विरोध किया है।
आयोग के सदस्यों ने अमेरिका की डोनाल्ड ट्रंप सरकार से मांग की है कि वह धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन करने वाले इस संघ के सदस्यों पर उन पर प्रतिबंध लगाए। यूएससीआईआरएफ के चीफ आसिफ महमूद ने एक बयान जारी किया है। उन्होंने इस बयान के माध्यम से अमेरिकी प्रशासन से संघ के खिलाफ कदम उठाने की मांग की।
वहीं आयोग के एक अन्य सदस्य जीन मिल्स ने बोल दिया कि आरएसएस नेताओं को, भले ही वे भारत सरकार से जुड़े हों, उच्च स्तरीय बैठकों या राजनयिक शिष्टाचार से सम्मानित नहीं किया जाना चाहिए। संगठन ने ट्रंप सरकार से बोल दिया कि आरएसएस सदस्यों पर प्रतिबंध लगाने पर ध्यान करना चाहिए। आयोग के अध्यक्ष आसिफ महमूद ने आरएसएस को लेकर बोल दिया कि इसके कुछ संगठनों पर धार्मिक अल्पसंख्यकों, ईसाई और मुस्लिम पर हमले करने के आरोप हैं।
PC:ndtv.
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