जिला मुरादाबाद के मझोला थाना क्षेत्र से साइबर ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ साइबर ठगो ने आई फोन और रकम दोगुनी करना का लालच देकर कक्षा 12 की 16 वर्षीय छात्रा को अपने जाल मे फंसा लिया। साइबर ठगो ने लालच के भंवर मे फंसी छात्रा से कई बार मे उसकी माँ व बुआ के खातो से 18 लाख 47 हजार रूपये भी ट्रांसफर करा लिए। मामले की जानकारी होने पर छात्रा के पिता ने साइबर क्राइम थाने मे शिकायत दर्ज कराई है।
परिजनों के मुताबिक छात्रा 9 जुलाई को यूट्यूब पर वीडियो देख रही थी। इसी दौरान उसे एक वीडियो दिखाई दिया जिसमे महज 799 रुपये भेजने पर रकम दोगुनी करने के साथ नया आई फोन देने का दावा किया गया था। लालच में आकर छात्रा ने वीडियो में बताए गए क्यू आर कोड पर 799 रुपये भेज दिए।
इसके बाद उसके व्हाट्सप्प नंबर पर 'आदित्य शमशेर माला' नाम से मैसेज आया और एक लिंक भेजा गया। साइबर ठगों ने इस लिंक के माध्यम से प्रोसेसिंग शुल्क के नाम पर छात्रा से 16 हजार 998 रुपये और जमा करा लिए। इसके बाद रकम और आई फोन कुछ न मिलने पर छात्रा द्वारा पैसे वापस मांगे जाने पर ठगो ने उसे भरोसा दिलाया कि भेजी गई पूरी रकम वापस करा दी जाएगी।
शिकायत के अनुसार 10 जुलाई से 7 अगस्त तक चले इस खेल के दौरान ठगों ने छात्रा को अलग-अलग बहानों में उलझाए रखा। कभी रकम वापस दिलाने तो कभी प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर अलग-अलग क्यू आर भेजे गए और छात्रा इन क्यू आर कोड के जरिए लगातार रकम ट्रांसफर करती रही। इस तरह कुल 18 लाख 47 हजार रुपये उसकी मां के दो बैंक खातों और बुआ के एक खाते से ठगों के बताए खातों में पहुंच गए। छात्रा द्वारा रकम वापस मांगे जाने पर ठगों ने नया बहाना बनाते हुए बताया कि पैसा 'इंटरनेशनल गेटवे' में फंस गया है। इसके बाद उससे और रकम की मांग की गई। लगातार पैसे की मांग होने पर छात्रा को संदेह हुआ और उसने पूरी घटना अपने पिता को बताई।
परिजनों के अनुसार साइबर ठगी का पता चलने के बाद छात्रा मानसिक रूप से बेहद परेशान हो गई। परिवार का कहना है कि उसकी हालत कई बार बिगड़ी और उसे डॉक्टर के पास ले जाना पड़ा। परिजन फिलहाल उसकी लगातार निगरानी कर रहे हैं।
मामले में पुलिस अधीक्षक अपराध सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया कि पीड़ित परिवार की तहरीर के आधार पर साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस टीम मामले की जांच कर रही है। ठगी में इस्तेमाल हुए बैंक खातों, क्यू आर कोड और मोबाइल नंबरों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का प्रयास है कि ठगी की रकम को वापस कराया जा सके और आरोपियों तक पहुंचकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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