गत वर्ष बुर्का पहनकर हरिद्वार से कांवड़ लेकर आने के बाद चर्चा में आयी तमन्ना मलिक और उनके पति अमन त्यागी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस वर्ष भी दोनों ने फिर से कांवड़ यात्रा करने की घोषणा की है, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन ने एहतियातन कदम उठाते हुए उन्हें 20-20 हजार रुपये के निजी मुचलके पर पाबंद कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई केवल क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है।
पुलिस की रिपोर्ट के बाद एसडीएम न्यायालय ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की निवारक धाराओं के तहत तमन्ना मलिक और अमन त्यागी को नोटिस जारी किया है। आदेश के अनुसार दोनों को 20-20 हजार रुपये के निजी मुचलके पर पाबंद रहने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस मिलने के बाद अमन त्यागी एसडीएम कार्यालय पहुंचे और प्रशासनिक कार्रवाई पर आपत्ति दर्ज कराई। उनका कहना है कि नोटिस में उनकी पत्नी के पहनावे को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं, जबकि किसी भी व्यक्ति को अपनी धार्मिक आस्था के अनुसार वस्त्र पहनने की स्वतंत्रता है।
अमन त्यागी ने कहा कि यदि उनकी पत्नी तमन्ना मलिक बुर्का पहनकर कांवड़ यात्रा करती हैं तो इससे किसी की धार्मिक भावनाएं आहत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले वर्ष भी तमन्ना मलिक बुर्का पहनकर हरिद्वार से कांवड़ लेकर संभल पहुंची थीं और गंगाजल बालयोगी दीनानाथ ने शिवालय में विधिवत जल अर्पित कराया था।
उपजिलाधिकारी (एसडीएम) विकास चंद्रा ने स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा और आगामी धार्मिक पर्वों को देखते हुए क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर दोनों के खिलाफ वैधानिक एवं निवारक कार्रवाई करते हुए 20-20 हजार रुपये के निजी मुचलके पर पाबंद किया गया है।
प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई किसी व्यक्ति विशेष की धार्मिक आस्था या पहनावे को लेकर नहीं, बल्कि संभावित विवाद और कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए एहतियात के तौर पर की गई है। मामले पर स्थानीय प्रशासन और पुलिस लगातार नजर बनाए हुए हैं।
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