उक्त मामला प्रकाश मे आने के बाद सोशल मीडिया पर बरेली पुलिस को लेकर भी अभद्र टिप्पणियां होने लगी थी। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर मामले की जाँच का दायित्व साइबर क्राइम थाने को सौंपा गया था। साइबर पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यो, सर्विलांस और आईएमईआई नंबरो की मदद से इस आईडी को चलाने वाले व्यक्ति की पहचान की। साइबर पुलिस टीम द्वारा की गयी जाँच मे इस इंस्टाग्राम आईडी से जुड़े मोबाइल नंबरो व इस्तेमाल किये गए हैंडसेट की जानकारी जुटाई गयी। पुलिस द्वारा की गयी जाँच मे दो मोबाइल नंबरो का पता लगा जो दीपक कौशिक निवासी ग्राम रतुपुरा, थाना क्षेत्र कोतवाली देहात के नाम पर रजिस्टर्ड थे। इसके बाद मोबाइल हैंडसेट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच करते हुए पुलिस आरोपी तक पहुंची। पुलिस ने आज गुरुवार की सुबह आरोपी दीपक कौशिक को झुमका चौराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस द्वारा की गयी पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह मीरगंज स्थित डीबीओएल शुगर मिल मे केमिकल एनालिसिस अधिकारी के पद पर कार्यरत है और बीएसी पास है। आरोपी ने बताया कि वह सोशल मीडिया का इस्तेमाल करता था। आरोपी ने बताया कि उसने इंस्टाग्राम आईडी पर यह सोचकर पुलिसकर्मी की तस्वीर लगाई थी कि ऐसा करने पर उसकी असली पहचान उजागर नहीं होगी और पकड़ा भी नहीं जायेगा। आरोपी ने सोशल मीडिया से मृतक दरोगा आकाश यादव की तस्वीर ली और उसे फर्जी इंस्टाग्राम आईडी की प्रोफाइल फोटो के रूप में इस्तेमाल किया। बाद मे विवाद बढ़ने पर आरोपी ने इंस्टाग्राम आईडी डिलीट भी कर दी थी। इस सबके बाद भी तमाम साक्ष्य एकत्र कर साइबर क्राइम पुलिस ने उसे धर दबोचा। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में इस्तेमाल सैमसंग गैलेक्सी एफ15 मोबाइल फोन और दो सिम कार्ड बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार इस मामले मे कुतुबखाना चौकी प्रभारी अनूप सिंह की तहरीर पर गत 14 सितंबर को ‘दीपक जाट बरेली’ नाम की अज्ञात इंस्टाग्राम आईडी के खिलाफ कोतवाली थाने में आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच आगे बढ़ने पर मामले में आईटी एक्ट की धारा 66C तथा बीएनएस की धारा 319(2) और 356 भी जोड़ी गई हैं। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया है और आगे की रिमांड संबंधी कार्रवाई की जा रही है।
| अभी तक पाठक संख्या |
