पीलीभीत/उत्तर प्रदेश - गत 3 माह से चल रही खींचतान के बाद नगर पालिका की 6 दुकानो पर चला बुलडोजर, पीड़ित बोले प्रशासन कर रहा मनमानी - News India 17 # खबर देश की - नजर दुनिया की #

Breaking


मंगलवार, सितंबर 08, 2026

पीलीभीत/उत्तर प्रदेश - गत 3 माह से चल रही खींचतान के बाद नगर पालिका की 6 दुकानो पर चला बुलडोजर, पीड़ित बोले प्रशासन कर रहा मनमानी

https://www.newsindia17.com/pilibhit-uttar-pradesh-nagar-palika-6-dukanon-par-bulldozer-peedit-prashasan-manmani

पीलीभीत के टनकपुर -बरेली हाईवे के पास नगर पालिका क्षेत्र मे स्थित दुकानो को लेकर गत 3 माह से चल रहा विवाद आज मंगलवार को हुई प्रशासनिक कार्रवाई के साथ समाप्त हो गया। नगर पालिका प्रशासन ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में हाईवे किनारे बनी इन छह दुकानों को जेसीबी से ध्वस्त करा दिया।


बताया गया कि नकटा चौराहा स्थित इन दुकानो के मामले में पिछले जून माह से प्रक्रिया चल रही थी। नगर पालिका की ओर से संबंधित दुकानदारों को कई बार नोटिस जारी किए गए थे। दुकानदारों का कहना था कि इन दुकानों को पूर्व में नगर पालिका द्वारा उन्हे लीज पर दिया गया था। इसी आधार पर उन्होंने जिलाधिकारी से शिकायत कर कार्रवाई पर रोक लगाने और दुकानें खाली करने के लिए अतिरिक्त समय देने की मांग की थी।नगर पालिका प्रशासन के अनुसार मामले से जुड़े दस्तावेजों और तथ्यों का परीक्षण करने के बाद पूरी जानकारी जिलाधिकारी एवं पुलिस प्रशासन को रिपोर्ट के माध्यम से दी गई थी। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की अनुमति और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंगलवार को ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया।


आज मंगलवार को नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी संजीव कुमार के नेतृत्व में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी मशीन से छह दुकानों को जमींदोज कर दिया गया। कार्रवाई की सूचना मिलते ही मौके पर दुकानदारों में अफरा-तफरी मच गई। कई दुकानदार अपना सामान बचाने के लिए आनन-फानन में दुकानों से सामान बाहर निकालते नजर आए।


नगर पालिका प्रशासन का कहना है कि दुकानों को हटाए जाने के बाद इस स्थान पर पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत नया व्यावसायिक परिसर विकसित करने की योजना है। इससे क्षेत्र के बेहतर विकास के साथ नगर पालिका की आय में भी वृद्धि होने की उम्मीद जताई गई है।


नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. आस्था अग्रवाल ने कहा कि मामले में सभी दस्तावेजों और तथ्यों को शामिल करते हुए जिलाधिकारी तथा पुलिस प्रशासन को रिपोर्ट उपलब्ध करा दी गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्रवाई किसी जल्दबाजी में नहीं, बल्कि निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने के बाद की गई है। अध्यक्ष ने यह भी कहा कि इस संबंध में अधिशासी अधिकारी से रिपोर्ट मांगी गई है। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अब सभी की निगाहें प्रस्तावित नए व्यावसायिक परिसर की योजना और उसके क्रियान्वयन पर टिकी हैं।

web counter free
अभी तक पाठक संख्या