एसपी ग्रामीण ने बताया कि गाँव नांगल नैंसी निवासी संदीप कुमार द्वारा गत गत 1 अक्टूबर को इस मामले मे एक शिकायत की गयी थी। इस शिकायत मे बताया था कि संदीप कुमार का बेटा यक्ष अक्सर बीमार रहता था। इसी दौरान उनके परिचित मोनू चौधरी ने उन्हें एक व्यक्ति से मिलवाया, जिसे ‘पहाड़ी पंडित’ बताया गया। आरोप है कि उक्त व्यक्ति ने परिवार को बताया कि उनके बेटे की जान पर गंभीर संकट है। इसके बाद इलाज और झाड़-फूंक के नाम पर परिवार को भयभीत किया गया और धीरे-धीरे उनसे बड़ी रकम वसूली जाने लगी।
परिवार का आरोप है कि आरोपियों ने अलग-अलग समय पर इलाज और झाड़-फूंक के नाम पर करीब 70 लाख रुपये ले लिए। रकम जुटाने के लिए परिवार ने अपना मकान और पत्नी के जेवर बेच दिए। इसके अलावा कुछ रकम कर्ज लेकर भी आरोपियों को दी गई। ठगी के इस मामले में आरोपियों ने परिवार को डराने के लिए कथित तौर पर 10 रुपये के स्टांप पर लिखवाया कि यदि उन्होंने किसी अन्य व्यक्ति को इस पूरे मामले की जानकारी दी तो उनकी मौत हो जाएगी। इस धमकी के चलते परिवार लंबे समय तक मामले को लेकर चुप रहा।
शिकायत मिलने के बाद धामपुर पुलिस और एसओजी की टीम ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली, जिसके आधार पर कार्रवाई करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संजय शर्मा उर्फ पहाड़ी पंडित, मोनू चौधरी, यश चौधरी और कोमल सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से एक डिजायर कार और एक लाख रुपये से अधिक की नकदी बरामद की है।
एसपी ग्रामीण गौतम राय के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी लोगों को इलाज और झाड़-फूंक के नाम पर अपने प्रभाव में लेते थे। इसके बाद बीमारी या जान का खतरा बताकर उन्हें डराया जाता था और इसी भय का फायदा उठाकर उनसे रकम वसूली जाती थी। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने अन्य लोगों को भी इसी तरह अपना शिकार बनाया है या नहीं।
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