जिला मेरठ की भावनपुर थाना पुलिस और स्वाट टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए अवैध हथियारो के निर्माण और खरीद फरोख्त से जुड़े बड़े गिरोह का खुलासा किया है। इस छापामार कार्रवाई के दौरान हुई मुठभेड़ के बाद पुलिस ने मौके से 5 आरोपियो को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किये गए आरोपियो के कब्जे से 6 तैयार तमंचे 315 बोर, 11 अर्धनिर्मित तमंचो के साथ ही कारतूस व हथियार बनाने मे प्रयुक्त उपकरण बरामद किये है। पुलिस अब गिरोह के नेटवर्क और हथियारों की सप्लाई से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीबी जीटीएस मूर्ति ने पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता मे बताया कि देहात स्वाट टीम को सूचना मिली थी कि लू बक्सर मोड़ के पास अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त की जा रही है। सूचना मिलते ही सतर्क हुई स्वाट टीम ने भावनपुर पुलिस के साथ मौके पर जाकर घेराबंदी कर ली। बताया गया कि खुद को पुलिस टीम से घिरा देख आरोपियो ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी आरोपियो के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनसे पूछताछ के दौरान अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री के संबंध में जानकारी मिली। गिरफ्तार किये गए आरोपियो से पूछताछ से मिले सुराग के आधार पर पुलिस टीम ने इंचौली थाना क्षेत्र की आशियाना कॉलोनी स्थित एक मकान पर दबिश दी। पुलिस के अनुसार यहां हथियार बनाने का काम किया जा रहा था। पुलिस टीम ने यहाँ से भी 3 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने मकान की तलाशी के दौरान 6 तैयार और 11 अर्धनिर्मित 315 बोर के तमंचों के साथ ही कारतूस तथा हथियार बनाने के उपकरण बरामद किए। पुलिस के मुताबिक मौके से कुल 17 तैयार और अर्धनिर्मित तमंचे बरामद हुए हैं। पुलिस व स्वाट टीम द्वारा की गयी संयुक्त कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार किए गए आरोपियो की पहचान सलीमुद्दीन पुत्र रज्जाक, निवासी अहमदनगर बढ़ला, थाना किला परीक्षितगढ़, संतरपाल पुत्र बोदल सिंह, निवासी मुबारकपुर, थाना भावनपुर, मेहराजुद्दीन पुत्र मुंशी, निवासी अहमदनगर बढ़ला, थाना किला परीक्षितगढ़, हाल निवासी आशियाना कॉलोनी, थाना इंचौली, सारून पुत्र इशाक, निवासी जई, थाना भावनपुर व राशिद पुत्र मेहराजुद्दीन, निवासी अहमदपुर बढ़ला, थाना किला परीक्षितगढ़ के रूप मे हुई है।
पुलिस की जांच अब इस बात पर केंद्रित है कि आरोपी कितने समय से अवैध हथियार बनाने के काम में लिप्त थे और इन हथियारो की आपूर्ति किन लोगों को की जाती थी। साथ ही, हथियारों के संभावित खरीदारों, आरोपियों के आपसी संपर्क और निर्माण में इस्तेमाल होने वाले सामान की उपलब्धता से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस की इस कार्रवाई से अवैध हथियारों के निर्माण और कारोबार पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिलने का दावा किया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।
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