रिपोर्ट - बृजघाट/हसनपुर से घनश्याम शर्मा।
पिछले कुछ दिनो से बृजघाट पर गंगा के जल स्तर मे अचानक आयी बढोत्तरी के चलते जहॉ तीर्थ पुरोहितो को अपने स्थान को बचाने के लिये कड़ी मशक्कत एवं दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वही इस पावन तीर्थ पर धार्मिक अनुष्ठान एवं गंगा स्नान को आने वाले भक्तों को भी अनेक परेशानियॉ हो रही है।
पुरोहितो के सामने सुरक्षित स्थान को लेकर समस्या उत्पन्न हो रही है तो आने वाले भक्तों को गंगा का तेज प्रवाह रास नही आ रहा है। गुड़गॉव के रामपुर पटौदी से अपनी दादी की अस्थियॉ जल प्रवाह के लिये लेकर पहुॅचे प्रीतम सिंह के साथ एक भयावह घटना घटित हो गयी। तेज प्रवाह एवं जलस्तर मे सामान्य से अधिक बढाव के चलते उनके साथ आये अन्य दो परिजन स्नान करते समय अचानक ही बह निकले। परिजनों को बहता देख प्रीतम सिंह ने गहरे जल मे छलॉग तो लगा दी पर सन्तुलन न बना सके और स्वयं भी बह निकले। मौके पर मौजूद नाविक धर्मपाल केवट ने जब यह देखा तो उसने साहस का परिचय दिया और मानव धर्म निभाने को जल मे कूद पड़ा। धर्मपाल केवट ने अपनी जान की परवाह न करते हुए तीनो भक्तों को बॉस के सहारे अपने स्टीमर के सहारे किनारे पर पहुॅचाया तथा जीवन रक्षा की। धर्मपाल केवट की इस बहादुरी पर घाट पर मौजूद सभी भक्तो ने उसकी प्रशंसा की।
उपरोक्त घटना से यह जाहिर हो जाता है कि आज भी मानव धर्म को सर्वोपरि मानने वाले व्यक्ति इस धरती पर मौजूद है वरना आमतौर पर यही सुनने मे आता है कि आज के युग मे परोपकार एवं सहानूभूति नही रही। न्यूज इन्डिया 17, धर्मपाल केवट के परजीवन रक्षा के लिये किये गये कार्य के लिये हदय से उनका आभार व्यक्त करती है।
