रिपोर्ट - शेरकोट/धामपुर से तहसील प्रभारी अनुज कुमार।
ससुराल वालों के उत्पीड़न से तंग आकर एक विवाहिता ने खो नदी में नदी में कूदकर अपनी जान दे दी। गोताखोरों की मदद से पुलिस ने नदी से विवाहिता का शव बरामद कर लिया है।
नगर के मोहल्ला फतेहनगर सिंचाई कालोनी निवासी सुभाष ने अपनी पुत्री नीलम आयु 22 वर्ष शादी करीब चार वर्ष पूर्व रेहड़ क्षेत्र के गांव माधोपुर टांडा निवासी राजेन्द्र के साथ की थी। राजेन्द्र दुबई में काम करता है। करीब आठ दिन पूर्व वह दोबारा दुबई गया है। आरोप है कि नीलम की ससुराल वाले उसका उत्पीड़न करते थे। आए दिन मारपीट से वह काफी परेशान रहती थी। करीब दो माह से अपने मायके में ही रह रही थी।
मंगलवार सुबह वह दवा लेने के बहाने घर से बाहर निकली थी। टेंपो स्टैंड के पास पुल से उसने खो नदी में छलांग लगा दी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तथा उसकी खोजबीन शुरू कर दी। बाद में नाव व गोताखोरों की मदद से उसका शव नदी से बाहर निकाला गया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
विवाहिता का परिवार का बेहद गरीब है। उसकी मां आशा गूंगी है तथा पिता सुभाष को सुनाई नहीं देता है। यह मेहनत मजदूरी कर किसी तरह परिवार चला रहे है। अब बीमार होने के कारण मजदूरी से भी लाचार है। विवाहिता के तीन बच्चे हुए। इनमें से दो पुत्रों की तो पहले की मौत हो चुकी है जबकि अब उसकी एक चार वर्षीय पुत्री अवनी है।
थानाध्यक्ष शरद पवार ने बताया कि अभी मामले में कोई तहरीर नहीं आई है। तहरीर आने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी। मृतका का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
ससुराल वालों के उत्पीड़न से तंग आकर एक विवाहिता ने खो नदी में नदी में कूदकर अपनी जान दे दी। गोताखोरों की मदद से पुलिस ने नदी से विवाहिता का शव बरामद कर लिया है।
नगर के मोहल्ला फतेहनगर सिंचाई कालोनी निवासी सुभाष ने अपनी पुत्री नीलम आयु 22 वर्ष शादी करीब चार वर्ष पूर्व रेहड़ क्षेत्र के गांव माधोपुर टांडा निवासी राजेन्द्र के साथ की थी। राजेन्द्र दुबई में काम करता है। करीब आठ दिन पूर्व वह दोबारा दुबई गया है। आरोप है कि नीलम की ससुराल वाले उसका उत्पीड़न करते थे। आए दिन मारपीट से वह काफी परेशान रहती थी। करीब दो माह से अपने मायके में ही रह रही थी।
मंगलवार सुबह वह दवा लेने के बहाने घर से बाहर निकली थी। टेंपो स्टैंड के पास पुल से उसने खो नदी में छलांग लगा दी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तथा उसकी खोजबीन शुरू कर दी। बाद में नाव व गोताखोरों की मदद से उसका शव नदी से बाहर निकाला गया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
विवाहिता का परिवार का बेहद गरीब है। उसकी मां आशा गूंगी है तथा पिता सुभाष को सुनाई नहीं देता है। यह मेहनत मजदूरी कर किसी तरह परिवार चला रहे है। अब बीमार होने के कारण मजदूरी से भी लाचार है। विवाहिता के तीन बच्चे हुए। इनमें से दो पुत्रों की तो पहले की मौत हो चुकी है जबकि अब उसकी एक चार वर्षीय पुत्री अवनी है।
थानाध्यक्ष शरद पवार ने बताया कि अभी मामले में कोई तहरीर नहीं आई है। तहरीर आने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी। मृतका का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।


