रिपोर्ट - मुरादाबाद/उत्तर प्रदेश से जिला प्रभारी सत्यवीर यादव।
शहर की नागफनी थाना पुलिस ने 34 सालों से फरार चल रहे पांच हजार के ईनामी बदमाश को गिरफ्तार किया है। जिसके बाद ये कहावत आज फिर चरितार्थ हो गयी कि अपराधी कितना ही शातिर क्यों न हो,कानून के लम्बे हाथ उस तक पहुंच ही जाते हैं। पकड़ा गया आरोपी पिछले लम्बे अरसे से पुलिस को चकमा दे रहा था। लेकिन अधिकारीयों के दबाब के चलते पुलिस कर्मियों ने आज इसे आखिरकार गिरफ्तार कर ही लिया।
पुलिस हिरासत में दिख रहे इस शख्स का नाम शहजादा उर्फ सलीम है। मुरादाबाद जनपद के नागफनी थाना क्षेत्र स्थित दौलतबाग मौहल्ले में रहने वाले शहजादा ने अपने भाई मोहम्मद उमर के साथ मिलकर अपने पड़ोसी छोटे खां की पिटाई कर दी थी। तीन अप्रैल उन्नीस सौ चौरासी को हुई इस घटना के बाद वादी छोटे खां ने थाना नागफनी में मुकदमा पंजिकृत कराया था। अपराध नम्बर 88/1984 आईपीसी धारा 324 के तहत दर्ज मुकदमें में पुलिस ने शहजादा को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर किया था कोर्ट से जमानत मिलने के बाद शहजादा फरार हो गया और फिर कभी कोर्ट में पेश नहीं हुआ। लगातार पेशी पर अनुपस्थित होने के चलते कोर्ट ने शहजादा के खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी किया साथ ही कुर्की की कार्रवाई भी की गई।
इस दौरान कोर्ट में चल रही मामले की सुनवाई में वादी छोटे खां ने शहजादा और ऊमर के खिलाफ गवाही दे दी थी। घटना के एक साल बाद दूसरे अभियुक्त उमर की मौत हो गयी साथ ही कुछ साल बाद वादी छोटे भी दोषियों को सजा दिलाने की उम्मीद के साथ दुनिया छोड़ गए।
अगस्त 2011 में एसीजेएम दो न्यायालय ने शहजादा को फरार घोषित कर दिया और मुरादाबाद पुलिस ने अभियुक्त शहजादा पर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित कर दुबारा तलाश शुरू कर दी। एसएसपी मुरादाबाद के निर्देश में पुलिस ने दुबारा नए सिरे से शहजादा को तलाश किया तो मुखबिर की सूचना पर शहजादा पुलिस के हत्थे चढ़ गया। रेलवे स्टेशन के पास से पुलिस ने शहजादा को गिरफ्तार कर लिया और उससे पूछताछ शुरू की।
34 साल बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा शहजादा पड़ोसी छोटे से मारपीट की घटना कबूल कर रहा है। एसपी सिटी अंकित मित्तल के मुताबिक शहजादा की गिरफ्तारी पुलिस के वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के अभियान के तहत की गई है। एसपी सिटी का कहना है कि फरार अभियुक्त का कोई अपना मकान नहीं था और वह अपना नाम और पता बदलता रहता था जिसके चलते वह पुलिस को छकाता रहा।
शहर की नागफनी थाना पुलिस ने 34 सालों से फरार चल रहे पांच हजार के ईनामी बदमाश को गिरफ्तार किया है। जिसके बाद ये कहावत आज फिर चरितार्थ हो गयी कि अपराधी कितना ही शातिर क्यों न हो,कानून के लम्बे हाथ उस तक पहुंच ही जाते हैं। पकड़ा गया आरोपी पिछले लम्बे अरसे से पुलिस को चकमा दे रहा था। लेकिन अधिकारीयों के दबाब के चलते पुलिस कर्मियों ने आज इसे आखिरकार गिरफ्तार कर ही लिया।
पुलिस हिरासत में दिख रहे इस शख्स का नाम शहजादा उर्फ सलीम है। मुरादाबाद जनपद के नागफनी थाना क्षेत्र स्थित दौलतबाग मौहल्ले में रहने वाले शहजादा ने अपने भाई मोहम्मद उमर के साथ मिलकर अपने पड़ोसी छोटे खां की पिटाई कर दी थी। तीन अप्रैल उन्नीस सौ चौरासी को हुई इस घटना के बाद वादी छोटे खां ने थाना नागफनी में मुकदमा पंजिकृत कराया था। अपराध नम्बर 88/1984 आईपीसी धारा 324 के तहत दर्ज मुकदमें में पुलिस ने शहजादा को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर किया था कोर्ट से जमानत मिलने के बाद शहजादा फरार हो गया और फिर कभी कोर्ट में पेश नहीं हुआ। लगातार पेशी पर अनुपस्थित होने के चलते कोर्ट ने शहजादा के खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी किया साथ ही कुर्की की कार्रवाई भी की गई।
इस दौरान कोर्ट में चल रही मामले की सुनवाई में वादी छोटे खां ने शहजादा और ऊमर के खिलाफ गवाही दे दी थी। घटना के एक साल बाद दूसरे अभियुक्त उमर की मौत हो गयी साथ ही कुछ साल बाद वादी छोटे भी दोषियों को सजा दिलाने की उम्मीद के साथ दुनिया छोड़ गए।
अगस्त 2011 में एसीजेएम दो न्यायालय ने शहजादा को फरार घोषित कर दिया और मुरादाबाद पुलिस ने अभियुक्त शहजादा पर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित कर दुबारा तलाश शुरू कर दी। एसएसपी मुरादाबाद के निर्देश में पुलिस ने दुबारा नए सिरे से शहजादा को तलाश किया तो मुखबिर की सूचना पर शहजादा पुलिस के हत्थे चढ़ गया। रेलवे स्टेशन के पास से पुलिस ने शहजादा को गिरफ्तार कर लिया और उससे पूछताछ शुरू की।
34 साल बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा शहजादा पड़ोसी छोटे से मारपीट की घटना कबूल कर रहा है। एसपी सिटी अंकित मित्तल के मुताबिक शहजादा की गिरफ्तारी पुलिस के वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के अभियान के तहत की गई है। एसपी सिटी का कहना है कि फरार अभियुक्त का कोई अपना मकान नहीं था और वह अपना नाम और पता बदलता रहता था जिसके चलते वह पुलिस को छकाता रहा।

