रिपोर्ट - News Desk, News India 17|
एक गौ माता का एक्सीडेंट राम गंगा विहार में 24 मीटर रोड पर डॉक्टर संगीता मदन जी की नर्सिंग होम के सामने एक कार से हुआ | जिसमें इस गाय के अगले दोनों पैर घुटने से टूट गए साथ ही सींग भी टूट गए थे दोनों तरफ से पेट छिले हुए थे | सूचना पर श्री भगवती गौ पुनर्वास आश्रम से गौ माता के पास तुरन्त अक्षय गुप्ता जी पहुंचे साथ ही दीपक वार्ष्णेय भी कुछ देर में पहुंच गयेे। जब वहां पहुंचे तो श्री अक्षय गुप्ता जी उसका प्राथमिक उपचार कर रहे थे | पुलिस द्वारा पशुपालन विभाग को कई बार सूचना देने के बाद भी पशुपालन विभाग से व पशु चिकित्सालय से कोई डॉक्टर नहीं पहुंचा इस बीच में निजी डॉक्टर के द्वारा गाय का इलाज प्रारंभ करवाया गया , जिसमें गाय को प्राथमिक उपचार के साथ-साथ पेनकिलर्स व अन्य इन्जैएक्शन दिलवाकर राहत देने का प्रयास किया। गाय के बार-बार पैर हिला देने से उपचार कामयाब नहीं हो रहा था तो पशु चिकित्सालय में पुनः संपर्क किया तब शाम 6.30 पर पशु चिकित्सक पी .डी. जैन ने बताया कि इस गाय का इलाज यहां नहीं हो सकता है तथा इस गाय को बरेली ले जाया जाए , उनसे रेफर लेटर लिखवा यशदीप रस्तोगी जी व दीपक वार्ष्णेय उक्त गाय को लगभग शाम को 7:30 बजे बरेली ले गए लगभग 12:30 बजे आईवीआरआई हॉस्पिटल पहुंचे किंतु वहां पर हॉस्पिटल बंद हो गया था वहां के डायरेक्टर व हेड ऑफ डिपार्टमेंट से संपर्क करने पर उक्त गाय को लगभग 1:00 बजे से इलाज प्रारंभ हुआ। जिसमें तुरंत ही IVRI बरेली हॉस्पिटल से दोनों पैरों में प्लास्टर बांध दिया गया जिससे गाय को राहत मिली सुबह लगभग 3:30 बजे हम लोग बरेली से इस गाय को हॉस्पिटल में एडमिट करा कर वापस आए तथा फोन करके वहां के चिकित्सकों व कंपाउंडरों से संपर्क में रहे फोन पर बताया गया कि डॉक्टर्स के द्वारा इस गाय का ऑपरेशन कराया जाएगा तथा इस गाय के पैरों में रोड व अन्य लोहे के छल्ले डालकर पैर को मजबूत बनाया जाएगा सुबह 9:00 बजे अंकित अग्रवाल जी, दीपक गुप्ता जी व दीपक वार्ष्णेय मुरादाबाद से बरेली के लिए रवाना हुए बरेली जाने पर बरेली पहुंचने पर डॉक्टर ने बताया कि आज ही इस का ऑपरेशन करेंगे उन्होने पुन: गाय के पैरों के प्लास्टर किया तथा एक्स-रे के लिए भेज दिया गया | गाय के एंट्री के उपरांत हमने औषधियों का इंतजाम किया क्योंकि बृहस्पति को बरेली बंद रहता है अतः हमें मुरादाबाद से भी दवाइयां मंगवानी पड़ी लगभग 2:00 बजे जब ऑपरेशन हो रहा था तब इस गाय की मृत्यु हो गई |
निस्वार्थ भाव से की गई सेवा के द्वारा भी गाय को पुनः जीवन देने का जो प्रयास किया गया वह तो सफल ना हो सका परंतु आज के युग में भी श्री भगवती गौ सेवा ट्रस्ट एवं उसके कार्यकर्ताओं द्वारा गौ सेवा हेतु किए जा रहे प्रयास सराहनीय है।
एक गौ माता का एक्सीडेंट राम गंगा विहार में 24 मीटर रोड पर डॉक्टर संगीता मदन जी की नर्सिंग होम के सामने एक कार से हुआ | जिसमें इस गाय के अगले दोनों पैर घुटने से टूट गए साथ ही सींग भी टूट गए थे दोनों तरफ से पेट छिले हुए थे | सूचना पर श्री भगवती गौ पुनर्वास आश्रम से गौ माता के पास तुरन्त अक्षय गुप्ता जी पहुंचे साथ ही दीपक वार्ष्णेय भी कुछ देर में पहुंच गयेे। जब वहां पहुंचे तो श्री अक्षय गुप्ता जी उसका प्राथमिक उपचार कर रहे थे | पुलिस द्वारा पशुपालन विभाग को कई बार सूचना देने के बाद भी पशुपालन विभाग से व पशु चिकित्सालय से कोई डॉक्टर नहीं पहुंचा इस बीच में निजी डॉक्टर के द्वारा गाय का इलाज प्रारंभ करवाया गया , जिसमें गाय को प्राथमिक उपचार के साथ-साथ पेनकिलर्स व अन्य इन्जैएक्शन दिलवाकर राहत देने का प्रयास किया। गाय के बार-बार पैर हिला देने से उपचार कामयाब नहीं हो रहा था तो पशु चिकित्सालय में पुनः संपर्क किया तब शाम 6.30 पर पशु चिकित्सक पी .डी. जैन ने बताया कि इस गाय का इलाज यहां नहीं हो सकता है तथा इस गाय को बरेली ले जाया जाए , उनसे रेफर लेटर लिखवा यशदीप रस्तोगी जी व दीपक वार्ष्णेय उक्त गाय को लगभग शाम को 7:30 बजे बरेली ले गए लगभग 12:30 बजे आईवीआरआई हॉस्पिटल पहुंचे किंतु वहां पर हॉस्पिटल बंद हो गया था वहां के डायरेक्टर व हेड ऑफ डिपार्टमेंट से संपर्क करने पर उक्त गाय को लगभग 1:00 बजे से इलाज प्रारंभ हुआ। जिसमें तुरंत ही IVRI बरेली हॉस्पिटल से दोनों पैरों में प्लास्टर बांध दिया गया जिससे गाय को राहत मिली सुबह लगभग 3:30 बजे हम लोग बरेली से इस गाय को हॉस्पिटल में एडमिट करा कर वापस आए तथा फोन करके वहां के चिकित्सकों व कंपाउंडरों से संपर्क में रहे फोन पर बताया गया कि डॉक्टर्स के द्वारा इस गाय का ऑपरेशन कराया जाएगा तथा इस गाय के पैरों में रोड व अन्य लोहे के छल्ले डालकर पैर को मजबूत बनाया जाएगा सुबह 9:00 बजे अंकित अग्रवाल जी, दीपक गुप्ता जी व दीपक वार्ष्णेय मुरादाबाद से बरेली के लिए रवाना हुए बरेली जाने पर बरेली पहुंचने पर डॉक्टर ने बताया कि आज ही इस का ऑपरेशन करेंगे उन्होने पुन: गाय के पैरों के प्लास्टर किया तथा एक्स-रे के लिए भेज दिया गया | गाय के एंट्री के उपरांत हमने औषधियों का इंतजाम किया क्योंकि बृहस्पति को बरेली बंद रहता है अतः हमें मुरादाबाद से भी दवाइयां मंगवानी पड़ी लगभग 2:00 बजे जब ऑपरेशन हो रहा था तब इस गाय की मृत्यु हो गई |
निस्वार्थ भाव से की गई सेवा के द्वारा भी गाय को पुनः जीवन देने का जो प्रयास किया गया वह तो सफल ना हो सका परंतु आज के युग में भी श्री भगवती गौ सेवा ट्रस्ट एवं उसके कार्यकर्ताओं द्वारा गौ सेवा हेतु किए जा रहे प्रयास सराहनीय है।

